अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (ISRO, NASA आदि)

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Last Updated: 2/12/2025

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी — अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (ISRO, NASA आदि) — Current Affairs 2025 | PathshalaNotesHub

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी — अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (ISRO, NASA आदि)

Updated: 26 November 2025 • Level: UPSC / State-PCS • Author: PathshalaNotesHub

Quick summary (मुख्य बिंदु)

  • India Space Policy (2023) तथा नीतिगत सुधारों ने निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाई है — नतीजतन IN‑SPACe जैसी संस्थाओं और निजी स्टार्ट‑अप्स का विकास हुआ।
  • Gaganyaan के लिए 2025 में बजट और परीक्षणों (जैसे पैराशूट और re‑entry परीक्षण) पर ध्यान दिया गया; कई subsystem परीक्षण पूरे हुए हैं।
  • NASA का Artemis कार्यक्रम चंद्र अन्वेषण और दीर्घकालिक चंद्र उपस्थिति पर केन्द्रित है, और इसमें अंतरराष्ट्रीय सहयोग शामिल है।
  • Geospatial Policy (2022) व India Space Policy (2023) जैसे ढांचों ने डेटा उपयोग, लाइसेंसिंग और निजी उद्योग के लिए नियमों को सरल बनाया है।

विस्तृत नोट्स

1. परिचय — अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी का महत्व

अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी संचार, नेविगेशन, मौसम/जलवायु निगरानी, प्राकृतिक आपदा प्रबंधन, राष्ट्रीय सुरक्षा तथा आर्थिक गतिविधियों (जैसे कृषि‑मॉनिटरिंग और डेटा‑सेवा) में उपयोगी है। आधुनिक परिदृश्य Space 4.0 की ओर बढ़ रहा है — जहाँ निजी कंपनियाँ, छोटे सैटेलाइट और ऑन‑डिमांड सेवाएँ प्रमुख हैं।

2. ISRO — संगठन और उद्देश्य

ISRO (Indian Space Research Organisation) भारत के नागरिक अंतरिक्ष कार्यक्रम की प्रमुख संस्था है। ISRO का ध्यान मिशन‑आधारित अनुसंधान, उपग्रह लॉन्च, अनुप्रयोग और अंतरराष्ट्रीय सहयोग पर है। पिछले दशकों में ISRO ने कम लागत में सफल लॉन्च और उपग्रह बनाकर विश्वसनीयता दिखाई है; अब वह निजी साझेदारी को प्रोत्साहित कर रहा है।

3. प्रमुख भारतीय नीतिगत बदलाव (साल‑दर‑साल सार)

  • Geospatial Policy 2022 — सरकारी और वाणिज्यिक उपयोग के लिए geospatial डेटा की पहुँच व उपयोग पर मार्गदर्शक सिद्धांत।
  • India Space Policy 2023 — निजी सेक्टर को वैल्यू‑चेन के हर चरण में शामिल करने का लक्ष्य; लाइसेंसिंग और विनियमन को सरल बनाना।
  • IN‑SPACe — Indian National Space Promotion and Authorisation Centre; यह निजी उद्यमों के लिए एक single‑window प्रमाणीकरण और परीक्षण सुविधा प्रदाता है।

4. 2025 के प्रमुख सुधार और घटनाक्रम — संक्षेप

2025 तक सरकार और नीति‑निर्माताओं का रुझान निजी भागीदारी, घरेलू विनिर्माण और लॉन्च‑क्षमता बढ़ाने की ओर रहा है। स्टार्ट‑अप इकोसिस्टम को ग्रांट, टेस्ट‑बेड पहुँच और प्रशिक्षण से सहायता दी जा रही है।

5. Missions & Technologies

ISRO — प्रमुख मिशन (चालू / निकट भविष्य)

  • Gaganyaan — भारत का मानव अंतरिक्ष कार्यक्रम; 2025 में इसके लिए बजट और परीक्षण‑धारा पर ध्यान दिया गया और कई प्रमुख सबसिस्टम परीक्षण हो चुके हैं।
  • भविष्य की योजनाएँ — भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (Bharatiya Antariksh Station) जैसे दीर्घकालिक लक्ष्यों का रोडमैप और भविष्यमान मानव/चंद्र मिशनों के लिए तैयारी।

अंतर्राष्ट्रीय परिदृश्य (NASA और अन्य)

NASA का Artemis कार्यक्रम चंद्र सतत उपस्थिति और मानव‑चंद्र अन्वेषण के लिए है। Artemis Accords के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय मानक और सहयोग स्थापित किए जा रहे हैं।

6. टेक्निकल बिंदु (उम्मीदवारों के लिये जरूरी)

  1. रॉकेट क्लासेस: SLV, ASLV, PSLV, GSLV (Mk‑II / Mk‑III) — भारी उपग्रहों के लिए cryogenic upper stages महत्त्वपूर्ण हैं।
  2. सैटेलाइट प्रकार: GEO, LEO, Polar, Smallsat, CubeSat, Constellations।
  3. एंड‑यूज़ सेवाएँ: Remote sensing (IRS श्रृंखला), Navigation (NavIC), Communication (GSAT श्रृंखला), Earth observation‑based analytics।
  4. डॉकिंग/रोबोटिक्स और सुरक्षा: crewed spacecraft docking तकनीक, life‑support systems, re‑entry/parachute systems (Gaganyaan परीक्षण)।

7. नीति‑परिणाम और अर्थव्यवस्था

नीति सुधारों के फलस्वरूप स्टार्ट‑अप्स, उपग्रह‑कंपोनेंट विनिर्माण, ग्राउंड‑स्टेशन सेवाएँ और डेटा‑आधारित व्यवसाय बढ़ रहे हैं। इससे अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था में रोजगार व निवेश के अवसर बढ़ते हैं।

8. चुनौतियाँ और जोखिम

  • Space debris और कक्षा‑भीड़ बढ़ना
  • Dual‑use तकनीक और सुरक्षा‑नियमन
  • स्थिर वित्तपोषण और घरेलू आपूर्ति‑शृंखला का विकास
  • मानव मिशन के लिये जीवन‑समर्थन और सुरक्षित re‑entry प्रणालियों का पूर्ण सत्यापन

9. संक्षेप (Exam‑ready पॉइंट्स)

महत्वपूर्ण नीतियाँ: Geospatial Policy 2022; India Space Policy 2023; IN‑SPACe — इनका उद्देश्य निजी भागीदारी और डेटा‑उपयोग को नियंत्रित एवं प्रोत्साहित करना है। प्रमुख मिशन: Gaganyaan (मानव मिशन), Chandrayaan श्रृंखला (चंद्र अन्वेषण), PSLV/GSLV रॉकेट परिवार। 2025 अपडेट: Gaganyaan के परीक्षण‑दौर और संबंधित बजट आवंटन।

2025 के प्रमुख सुधार — सार

  1. India Space Policy 2023 का क्रियान्वयन — निजी सेक्टर को end‑to‑end भागीदारी के लिए प्रेरित करना और लाइसेंसिंग को सरल बनाना।
  2. IN‑SPACe की भूमिका — निजी संस्थाओं के लिए single‑window authorization और परीक्षण सुविधा।
  3. बजटीय समर्थन — Gaganyaan जैसे मानव मिशनों के लिए विशेष वित्तीय आवंटन और परीक्षण कार्यक्रम।
  4. स्टार्ट‑अप और विनिर्माण प्रोत्साहन — घरेलू कंपोनेंट निर्माण और निवेश सुविधाओं में सुधार।

55 MCQs (उत्तर सहित) — UPSC / State‑PCS स्तर

Q1. ISRO का पूर्ण रूप क्या है? Ans: Indian Space Research Organisation
Q2. IN‑SPACe का मुख्य उद्देश्य क्या है? Ans: निजी संस्थाओं के लिए प्रमाणीकरण, प्रोत्साहन और सुविधा प्रदान करना
Q3. India Space Policy किस वर्ष जारी हुई? Ans: 2023
Q4. Gaganyaan का उद्देश्य क्या है? Ans: भारत की मानवीय अंतरिक्ष उड़ान क्षमता का प्रदर्शन
Q5. NavIC क्या है? Ans: भारत का क्षेत्रीय नेविगेशन उपग्रह तंत्र (Regional Navigation Satellite System)
Q6. PSLV का पूरा नाम क्या है? Ans: Polar Satellite Launch Vehicle
Q7. GSLV-Mk III का उपयोग किसलिए प्रमुख रूप से होता है? Ans: भारी उपग्रह और मानव मिशन के लिए
Q8. Artemis अभियान किस एजेंसी का है? Ans: NASA (United States)
Q9. Artemis Accords का उद्देश्य क्या है? Ans: चंद्र और अंतरिक्ष गतिविधियों के लिए अंतरराष्ट्रीय नियम/मानक बनाना
Q10. चंद्र पर दीर्घकालिक उपस्थिति हेतु किस अभियान का उल्लेख किया जाता है? Ans: Artemis
Q11. Space 4.0 से क्या आशय है? Ans: निजी कंपनियों, छोटे सैटेलाइट और सर्विस‑आधारित मॉडल के साथ अंतरिक्ष अर्थव्यवस्था का नया चरण
Q12. Gaganyaan के सुरक्षा परीक्षणों में क्या शामिल है? Ans: Parachute/air‑drop tests और re‑entry systems validation
Q13. India ने Gaganyaan के लिये 2025 में क्या किया (reported)? Ans: परियोजना के लिए बजट वृद्धि और subsystem testing जारी
Q14. IN‑SPACe किस प्रकार का संस्थान है? Ans: Regulatory और promotional body for private space entities in India
Q15. Geospatial Policy किस वर्ष आई थी? Ans: 2022
Q16. NavIC किस प्रकार की सेवा प्रदान करता है? Ans: Regional positioning and navigation services for India and nearby region
Q17. CubeSat किस श्रेणी में आता है? Ans: Small satellite / microsatellite
Q18. भारत का पहला अंतरिक्ष यात्री कौन था? Ans: राकेश शर्मा (1984)
Q19. PSLV किस प्रकार का orbit प्रमुखता से उपलब्ध कराता है? Ans: Sun‑synchronous / polar orbits (LEO)
Q20. ISRO का मुख्यालय कहाँ स्थित है? Ans: बेंगलुरु (Bengaluru)
Q21. भारत ने अंतरिक्ष स्टेशन की अवधारणा किस target वर्ष तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है? Ans: 2035 (योजना)
Q22. IN‑SPACe का पूर्ण रूप क्या है? Ans: Indian National Space Promotion and Authorisation Centre
Q23. Remote sensing satellites मुख्य रूप से किसके लिये उपयोगी हैं? Ans: कृषि, आपदा प्रबंधन, मौसम और संसाधन mapping
Q24. 'Cryogenic engine' किस चरण में उपयोग होता है? Ans: Upper stage for high‑energy orbit insertion (e.g., GSLV upper stage)
Q25. Space debris की समस्या का समाधान क्या हो सकता है? Ans: Active debris removal, end‑of‑life deorbiting norms और tracking data sharing
Q26. Geospatial Policy का प्रमुख उद्देश्य क्या था? Ans: Geospatial data के उपयोग और निजी पहुँच को सुव्यवस्थित करना
Q27. GSLV का पूरा नाम क्या है? Ans: Geosynchronous Satellite Launch Vehicle
Q28. NavIC का अंतरराष्ट्रीय समकक्ष कौन‑सा है? Ans: GPS (USA), Galileo (EU), GLONASS (Russia), BeiDou (China)
Q29. Smallsat constellations का मुख्य लाभ क्या है? Ans: Low latency coverage, scalable deployment और कम प्रति‑उपग्रह लागत
Q30. 'Right‑to‑use' डेटा से तात्पर्य क्या है? Ans: Geospatial/satellite data का व्यावसायिक उपयोग करने का अधिकार
Q31. India ने Gaganyaan के लिये किस तरह का अंतरराष्ट्रीय सहयोग लिया? Ans: Astronaut training और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क/प्रशिक्षण सहायता
Q32. Artemis Accords किस वर्ष प्रारंभ हुए थे? Ans: 2020
Q33. Space launch के environmental concerns में क्या शामिल है? Ans: Rocket emissions, coastal ecosystem impact और debris re‑entry pollution
Q34. 'Space economy' के प्रमुख आय स्रोत कौन‑से हैं? Ans: Launch services, satellite manufacturing, data analytics, broadcasting, navigation services
Q35. PSLV‑C की प्रमुख विशेषता क्या रही है? Ans: Reliability और कई छोटे सैटेलाइट्स को एक ही मिशन में लॉन्च कर पाना
Q36. CubeSat का मानक आकार किस इकाई पर निर्भर करता है? Ans: 10x10x10 cm units (1U, 3U, 6U आदि)
Q37. India's space reforms 2020 का प्रभाव क्या रहा? Ans: निजी सेक्टर की भागीदारी और IN‑SPACe की भूमिका मजबूत हुई
Q38. Satellite re‑entry या splashdown में किस तकनीक का उपयोग होता है? Ans: Parachute systems और controlled re‑entry trajectories
Q39. Remote sensing satellites की प्रमुख bands क्या हैं? Ans: Visible, NIR, SWIR, thermal infrared और microwave (SAR)
Q40. भारत का पहला उपग्रह कौन‑सा था? Ans: Aryabhata (1975)
Q41. Space treaties में प्रमुख संस्था कौन‑सी है? Ans: United Nations Office for Outer Space Affairs (UNOOSA)
Q42. 'Dual‑use' technology से क्या आशय है? Ans: ऐसी तकनीक जो नागरिक और सैन्य दोनों प्रयोजनों के लिये उपयोगी हो सकती है
Q43. India ने NavIC को किन सेवाओं के लिये विकसित किया? Ans: Navigation और timing services for civilian तथा रणनीतिक उपयोग within region
Q44. 'Active debris removal' में क्या शामिल है? Ans: Capture, de‑orbiting या orbital relocation techniques (nets, harpoons, robotic arms आदि)
Q45. Gaganyaan मिशन में Vyommitra का रोल क्या है? Ans: Robotic crew‑analog—automation/robotics tests के लिये उपयोगी
Q46. Space policy में transparency और data‑sharing क्यों आवश्यक है? Ans: Collision avoidance, disaster response coordination और international trust के लिये
Q47. भारत में प्रमुख launch site कौन‑सी है? Ans: Satish Dhawan Space Centre (Sriharikota)
Q48. Space technology के कृषि‑लाभ में क्या आता है? Ans: Crop monitoring, soil moisture mapping, yield estimation, drought monitoring
Q49. 'Constellation' से क्या आशय होता है? Ans: कई सैटेलाइट्स का समूह जो मिलकर एक सेवा प्रदान करता है
Q50. India ने private manufacturing में किस प्रकार की सुविधा दी? Ans: कुछ क्षेत्रों में FDI relaxation और policy support for component manufacturing
Q51. Space‑based IoT का लाभ क्या है? Ans: Remote areas के लिये wide area connectivity और M2M communication
Q52. Chandrayaan मिशन किन उद्देश्यों के लिये जाना जाता है? Ans: Lunar exploration—surface mapping, mineralogy और water‑ice detection
Q53. 'Return‑to‑Earth' sequence में सबसे खतरनाक चरण कौन‑सा माना जाता है? Ans: Atmospheric re‑entry (heat और deceleration) और landing/splashdown
Q54. ISRO का 'Atmanirbhar' अंतरिक्ष विचार किसका संकेत देता है? Ans: Indigenous capabilities in launch, satellites और critical subsystems
Q55. 'Single‑window' mechanism किस लिये उपयोगी है? Ans: Private entities के लिए तेज authorization और licensing (कम red‑tape)

Sources (सार): ISRO आधिकारिक पृष्ठ, PIB/सरकारी प्रेस विज्ञप्तियाँ, NASA ओवरव्यू; प्रस्तुति: PathshalaNotesHub।

Prepared on 26 November 2025 • © PathshalaNotesHub

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