सर्वोच्च न्यायालय

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Last Updated: 9/11/2025

सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India) | Indian Judiciary Notes in Hindi

सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court of India)

भारतीय संविधान ने एक **एकीकृत न्यायपालिका प्रणाली (Integrated Judicial System)** की स्थापना की है, जिसके शीर्ष पर सर्वोच्च न्यायालय स्थित है। यह देश का सर्वोच्च न्यायिक निकाय (Highest Court of Justice) और संविधान का रक्षक एवं व्याख्याकार (Guardian & Interpreter of the Constitution) है।


संवैधानिक आधार

  • भाग V, अध्याय IV — सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित है।
  • अनुच्छेद 124 से 147 तक सर्वोच्च न्यायालय के गठन, शक्तियों और कार्यों का विवरण है।
  • सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना 26 जनवरी 1950 को हुई थी।
  • इसका स्थान: नई दिल्ली

संरचना (Composition of the Supreme Court)

  • प्रारंभ में (1950): 1 मुख्य न्यायाधीश (CJI) + 7 न्यायाधीश।
  • वर्तमान में (संशोधन 2019 के अनुसार): 1 मुख्य न्यायाधीश + 33 न्यायाधीश = कुल 34 न्यायाधीश
  • राष्ट्रपति के पास न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का अधिकार है (Article 124(1))।

नियुक्ति (Appointment of Judges)

सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा की जाती है।

नियुक्ति प्रक्रिया (Collegium System):

  • मुख्य न्यायाधीश और अन्य वरिष्ठ न्यायाधीशों की अनुशंसा पर राष्ट्रपति नियुक्ति करते हैं।
  • यह प्रणाली “तीन न्यायाधीश मामले” (Three Judges Cases – 1982, 1993, 1998) के निर्णयों पर आधारित है।
  • Collegium में शामिल होते हैं:
    • भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)
    • शीर्ष चार वरिष्ठतम न्यायाधीश

कार्यकाल और आयु

  • न्यायाधीश का कार्यकाल **65 वर्ष** की आयु तक होता है।
  • वह स्वेच्छा से राष्ट्रपति को **लिखित त्यागपत्र** देकर पद छोड़ सकता है।
  • पद से हटाया (Impeach) जा सकता है केवल **संसद के विशेष प्रस्ताव** द्वारा।

न्यायाधीशों को हटाने की प्रक्रिया (Removal of Judges)

संविधान के अनुच्छेद 124(4) के अनुसार, न्यायाधीश को केवल “दुर्व्यवहार (Misbehavior)” या “अयोग्यता (Incapacity)” के आधार पर हटाया जा सकता है।

हटाने की प्रक्रिया (Impeachment):

  1. संसद के किसी एक सदन में प्रस्ताव पेश किया जाता है।
  2. उस पर सदन के कुल सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत से मतदान आवश्यक।
  3. दूसरे सदन में भी वही बहुमत आवश्यक।
  4. दोनों सदनों से पारित होने के बाद राष्ट्रपति न्यायाधीश को पद से हटाते हैं।

अब तक केवल एक मामले में प्रस्ताव लाया गया (जस्टिस वी. रामास्वामी – 1993), लेकिन पारित नहीं हुआ।


योग्यता (Qualifications)

  • भारत का नागरिक हो।
  • कम से कम 5 वर्ष उच्च न्यायालय का न्यायाधीश रहा हो, या
  • कम से कम 10 वर्ष उच्च न्यायालय में अधिवक्ता रहा हो, या
  • राष्ट्रपति के विचार में एक उत्कृष्ट विधिवेत्ता (Distinguished Jurist) हो।

सर्वोच्च न्यायालय का अधिकार क्षेत्र (Jurisdiction of the Supreme Court)

सर्वोच्च न्यायालय के पास पाँच प्रमुख प्रकार के अधिकार क्षेत्र हैं:

1️⃣ मूल अधिकार क्षेत्र (Original Jurisdiction – Article 131)

  • राज्य बनाम राज्य या केंद्र बनाम राज्य विवादों पर निर्णय का अधिकार।
  • यह केवल **संघीय विवादों** पर लागू होता है।

2️⃣ अपीलीय अधिकार क्षेत्र (Appellate Jurisdiction – Article 132-134A)

  • उच्च न्यायालय के निर्णयों के विरुद्ध अपील सुनने का अधिकार।
  • संवैधानिक, दीवानी और आपराधिक मामलों में अपील की जा सकती है।

3️⃣ परामर्श अधिकार क्षेत्र (Advisory Jurisdiction – Article 143)

  • राष्ट्रपति किसी विधिक प्रश्न पर सर्वोच्च न्यायालय से परामर्श मांग सकता है।
  • न्यायालय की राय बाध्यकारी नहीं होती।

4️⃣ पुनर्विचार (Review) का अधिकार – Article 137

  • सर्वोच्च न्यायालय अपने निर्णय की पुनः समीक्षा कर सकता है।

5️⃣ विशेष अनुमति याचिका (Special Leave Petition – Article 136)

  • सर्वोच्च न्यायालय किसी भी न्यायाधिकरण या न्यायालय के निर्णय के विरुद्ध **Special Leave to Appeal (SLP)** दे सकता है।

सर्वोच्च न्यायालय की शक्तियाँ

  • संविधान का रक्षक: संविधान की सर्वोच्च व्याख्या करता है।
  • न्यायिक पुनरवलोकन (Judicial Review): किसी भी कानून या कार्यपालिका आदेश की संवैधानिकता की समीक्षा कर सकता है।
  • न्यायिक सक्रियता (Judicial Activism): जनहित याचिका (PIL) के माध्यम से जनता के अधिकारों की रक्षा करता है।
  • संघीय विवादों का निपटारा: राज्यों और केंद्र के बीच विवादों पर निर्णय।
  • संविधान की रक्षा: संविधान के मूल ढाँचे (Basic Structure) की सुरक्षा सुनिश्चित करता है।

जनहित याचिका (Public Interest Litigation - PIL)

PIL की शुरुआत 1979 में न्यायमूर्ति पी.एन. भगवती और वी.आर. कृष्ण अय्यर के प्रयासों से हुई। इसका उद्देश्य गरीब और अशिक्षित वर्ग के अधिकारों की रक्षा करना है।


प्रमुख न्यायिक सिद्धांत (Important Doctrines)

  • Doctrine of Basic Structure — केशवानंद भारती केस (1973)।
  • Doctrine of Judicial Review — मरबरी बनाम मेडिसन (1803) से प्रेरित।
  • Doctrine of Severability — अनुच्छेद 13(1)।

सर्वोच्च न्यायालय की सीमाएँ

  • अधिकार क्षेत्र सीमित — राज्य न्यायालयों में हस्तक्षेप नहीं।
  • न्यायाधीशों की संख्या अपर्याप्त।
  • PIL का अत्यधिक प्रयोग कभी-कभी दुरुपयोग बन जाता है।

निष्कर्ष

सर्वोच्च न्यायालय भारतीय लोकतंत्र की **आत्मा (Soul)** है। यह न केवल संविधान की रक्षा करता है, बल्कि नागरिकों के मौलिक अधिकारों का प्रहरी भी है। इसके निर्णय भारत के शासन, समाज और राजनीति तीनों को दिशा प्रदान करते हैं। इसलिए इसे सही रूप में **“भारत का संरक्षक न्यायालय” (Guardian Court of India)** कहा जाता है।


40 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Questions & Answers)

Q1: सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना कब हुई?
26 जनवरी 1950।

Q2: सर्वोच्च न्यायालय का उल्लेख संविधान के किस भाग में है?
भाग V, अध्याय IV।

Q3: सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित अनुच्छेद कौन-कौन से हैं?
अनुच्छेद 124 से 147 तक।

Q4: सर्वोच्च न्यायालय का मुख्यालय कहाँ है?
नई दिल्ली।

Q5: सर्वोच्च न्यायालय में कुल कितने न्यायाधीश होते हैं?
34 (1 मुख्य न्यायाधीश + 33 न्यायाधीश)।

Q6: न्यायाधीशों की नियुक्ति कौन करता है?
राष्ट्रपति।

Q7: मुख्य न्यायाधीश कौन सुझाता है?
Collegium System।

Q8: न्यायाधीशों की आयु सीमा क्या है?
65 वर्ष।

Q9: न्यायाधीश को हटाने का आधार क्या है?
दुर्व्यवहार या अयोग्यता।

Q10: न्यायाधीश को हटाने की प्रक्रिया कहाँ दी गई है?
अनुच्छेद 124(4)।

Q11: अब तक किसी न्यायाधीश को हटाया गया है?
नहीं।

Q12: सर्वोच्च न्यायालय का मूल अधिकार क्षेत्र किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 131।

Q13: परामर्श अधिकार क्षेत्र किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 143।

Q14: विशेष अनुमति याचिका किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 136।

Q15: पुनर्विचार का अधिकार किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 137।

Q16: जनहित याचिका (PIL) की शुरुआत कब हुई?
1979 में।

Q17: सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य कार्य क्या है?
संविधान और मौलिक अधिकारों की रक्षा।

Q18: सर्वोच्च न्यायालय का न्याय क्षेत्र कितने प्रकार का है?
पाँच प्रकार का।

Q19: कौन सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर कर सकता है?
कोई भी नागरिक, राज्य, या संस्था।

Q20: सर्वोच्च न्यायालय का पहला मुख्य न्यायाधीश कौन था?
जस्टिस हरिलाल जे. कन्हैया।

Q21: Collegium System कब लागू हुआ?
1993 में।

Q22: कौन तय करता है कि कोई मामला संघीय विवाद है?
सर्वोच्च न्यायालय।

Q23: क्या सर्वोच्च न्यायालय की राय बाध्यकारी होती है?
परामर्श के मामले में नहीं।

Q24: न्यायिक पुनरवलोकन का अर्थ क्या है?
किसी कानून की संवैधानिकता की जांच।

Q25: कौन-सा सिद्धांत संविधान की आत्मा कहलाता है?
Basic Structure Doctrine।

Q26: “संविधान का रक्षक” किसे कहा जाता है?
सर्वोच्च न्यायालय।

Q27: “न्यायिक सक्रियता” का उद्देश्य क्या है?
जनहित की रक्षा।

Q28: कौन सर्वोच्च न्यायालय में अपील सुनता है?
न्यायमंडल (Bench)।

Q29: सर्वोच्च न्यायालय की न्यूनतम पीठ कितनी होती है?
दो न्यायाधीशों की।

Q30: संविधान की व्याख्या के लिए कितने न्यायाधीशों की पीठ आवश्यक है?
कम से कम पाँच।

Q31: Review Petition किस अनुच्छेद के अंतर्गत है?
अनुच्छेद 137।

Q32: किस केस में Basic Structure Doctrine दी गई?
केशवानंद भारती केस (1973)।

Q33: सर्वोच्च न्यायालय का बजट कौन स्वीकृत करता है?
संसद।

Q34: सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों का वेतन किस निधि से दिया जाता है?
भारत की संचित निधि (Consolidated Fund of India)।

Q35: क्या सर्वोच्च न्यायालय के आदेश बाध्यकारी होते हैं?
हाँ, पूरे देश में।

Q36: सर्वोच्च न्यायालय का मुख्य कार्य क्षेत्र क्या है?
संवैधानिक न्यायिक क्षेत्र।

Q37: क्या सर्वोच्च न्यायालय संसद के अधीन है?
नहीं, स्वतंत्र संस्था है।

Q38: कौन सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों की संख्या बढ़ा सकता है?
संसद, कानून द्वारा।

Q39: सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय कहाँ लागू होता है?
पूरे भारत में।

Q40: सर्वोच्च न्यायालय को “संविधान का रक्षक” क्यों कहा जाता है?
क्योंकि यह संविधान की व्याख्या और संरक्षण करता है।

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