भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और संविधान का विकास
भारतीय संविधान केवल एक कानूनी दस्तावेज नहीं है, बल्कि यह स्वतंत्रता संग्राम के सिद्धांतों, संघर्षों और विचारधाराओं का परिणाम है। 1885 से 1947 के बीच भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन ने क्रमिक रूप से लोकतांत्रिक संस्थाओं, स्वशासन और संवैधानिक सुधारों की मांग उठाई। इन्हीं आंदोलनों और प्रस्तावों के आधार पर 1946 में संविधान सभा का गठन हुआ जिसने 1950 में स्वतंत्र भारत को उसका संविधान दिया।
प्रारंभिक संवैधानिक विकास (1885 – 1909)
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (INC) की स्थापना 1885 में हुई। इसके शुरुआती नेताओं — दादाभाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले, फिरोजशाह मेहता आदि — ने भारत में धीरे-धीरे संवैधानिक सुधार की मांग की। उनका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के भीतर ही भारतीयों को शासन में भागीदारी दिलाना था।
- 1892: Indian Councils Act के माध्यम से पहली बार सीमित प्रतिनिधित्व की अनुमति मिली।
- 1906: मुस्लिम लीग की स्थापना — जिसने बाद में अलग राजनीतिक दृष्टिकोण को जन्म दिया।
- 1909 (Morley-Minto Reforms): भारतीयों को विधायिका में सीमित चुनावी अधिकार मिले, लेकिन अलग निर्वाचन प्रणाली (Separate Electorate) लागू हुई — जिसने साम्प्रदायिक राजनीति की नींव रखी।
संवैधानिक सुधारों का दूसरा चरण (1919 – 1935)
1919 का Montagu–Chelmsford Reforms (Government of India Act 1919) ने भारत में ‘द्वैध शासन’ लागू किया। कई सुधारों के बावजूद स्वशासन का लक्ष्य दूर था, जिससे आंदोलन फिर उग्र हुआ।
- 1916: लखनऊ समझौता — कांग्रेस और मुस्लिम लीग का अस्थायी एकजुटता का दौर।
- 1919: जलियांवाला बाग हत्याकांड के बाद संवैधानिक सुधारों पर अविश्वास बढ़ा।
- 1920: महात्मा गांधी के नेतृत्व में असहयोग आंदोलन शुरू हुआ — जिसने ब्रिटिश प्रशासन की वैधता को चुनौती दी।
- 1922: चौरी चौरा कांड के बाद आंदोलन स्थगित। लेकिन संविधान निर्माण की मांग अब और स्पष्ट हो चुकी थी।
नेहरू रिपोर्ट (1928) – पहला भारतीय संविधान मसौदा
नेहरू रिपोर्ट भारतीयों द्वारा बनाया गया पहला संवैधानिक दस्तावेज़ था। यह मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में तैयार किया गया। यह ब्रिटिश सरकार द्वारा गठित ‘Simon Commission (1927)’ के विरोध के बाद एक स्वदेशी संविधान मसौदा के रूप में आया।
- भारत के लिए डोमिनियन स्टेटस की मांग की गई।
- मौलिक अधिकारों का उल्लेख पहली बार किया गया।
- संघीय सरकार का प्रस्ताव — केंद्र और प्रांतों के बीच शक्तियों का विभाजन।
- राज्यपाल को नाममात्र का प्रमुख बनाया गया (ब्रिटिश परंपरा जैसी)।
- अलग निर्वाचन प्रणाली का विरोध किया गया।
- संसदीय शासन प्रणाली की अनुशंसा की गई।
हालांकि मुस्लिम लीग और कट्टरपंथी समूहों ने इसे स्वीकार नहीं किया।
🇮🇳 पूर्ण स्वराज प्रस्ताव (1930)
लाहौर अधिवेशन (1929) में जवाहरलाल नेहरू की अध्यक्षता में कांग्रेस ने “पूर्ण स्वराज” (Complete Independence) का प्रस्ताव पारित किया। 26 जनवरी 1930 को देशभर में “पूर्ण स्वराज दिवस” मनाया गया — जो बाद में 26 जनवरी 1950 को संविधान लागू करने के लिए चुनी गई तिथि बनी।
गोलमेज सम्मेलन (Round Table Conferences)
ब्रिटिश सरकार ने 1930–32 के बीच भारत के भविष्य के शासन-ढांचे पर तीन गोलमेज सम्मेलन आयोजित किए। लेकिन इनमें कोई ठोस समाधान नहीं निकल सका क्योंकि कांग्रेस ने भाग नहीं लिया या सीमित रूप से भाग लिया।
- पहला सम्मेलन (1930): कांग्रेस अनुपस्थित।
- दूसरा सम्मेलन (1931): गांधीजी ने भाग लिया — गांधी-इरविन समझौते के बाद।
- तीसरा सम्मेलन (1932): कांग्रेस ने बहिष्कार किया।
1935 का भारत शासन अधिनियम (Government of India Act 1935)
यह अधिनियम ब्रिटिश काल का सबसे बड़ा संवैधानिक दस्तावेज था। इसमें संघीय व्यवस्था, प्रांतीय स्वायत्तता और द्विसदनीय विधानमंडल की अवधारणाएँ दी गईं। यही अधिनियम भारतीय संविधान की रूपरेखा बना।
संविधान सभा की स्थापना की दिशा में घटनाएँ
- 1940: अगस्त प्रस्ताव — ब्रिटिश सरकार ने “स्वशासन” की दिशा में कार्य करने की बात कही।
- 1942: क्रिप्स मिशन — संविधान सभा के गठन का विचार पहली बार औपचारिक रूप से प्रस्तावित हुआ।
- 1942: भारत छोड़ो आंदोलन — “Do or Die” नारा।
- 1945: वावेल योजना — संविधान सभा में प्रतिनिधित्व की बात दोहराई गई।
- 1946: कैबिनेट मिशन योजना — संविधान सभा के गठन की औपचारिक घोषणा।
संविधान सभा की स्थापना (1946)
कैबिनेट मिशन के अनुसार 389 सदस्यों की एक संविधान सभा गठित की गई। विभाजन के बाद इसकी संख्या 299 रह गई। इसने भारत के संविधान को तैयार करने में लगभग 2 वर्ष 11 माह और 18 दिन लगाए। 26 नवंबर 1949 को संविधान अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को लागू हुआ।
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन का संविधान पर प्रभाव
- स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व की अवधारणा — स्वतंत्रता संग्राम से उत्पन्न।
- मौलिक अधिकार और सामाजिक न्याय का विचार — गांधी, नेहरू और अंबेडकर की सोच से।
- लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और समाजवाद की भावना — भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की नीतियों से।
- संविधान सभा का विचार — राष्ट्रीय आंदोलन की मांगों का परिणाम।
निष्कर्ष
भारतीय संविधान का विकास केवल कानूनी नहीं बल्कि वैचारिक प्रक्रिया थी। यह स्वतंत्रता संग्राम की उस चेतना का परिणाम था जिसने भारत को लोकतांत्रिक, धर्मनिरपेक्ष और समाजवादी गणराज्य बनने की दिशा दी। संविधान में प्रत्येक अनुच्छेद उस संघर्ष की कहानी कहता है जो भारतीयों ने आज़ादी और समानता के लिए लड़ी।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (30 Questions & Answers)
Q1: भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई?
1885 में।
Q2: भारत में संविधान की मांग पहली बार कब उठी?
1906 के कांग्रेस अधिवेशन में “स्वराज” की मांग रखी गई थी।
Q3: “पूर्ण स्वराज” का प्रस्ताव कब पारित हुआ?
1929, लाहौर अधिवेशन में।
Q4: “पूर्ण स्वराज दिवस” कब मनाया गया?
26 जनवरी 1930 को।
Q5: नेहरू रिपोर्ट कब और किसके द्वारा तैयार की गई?
1928, मोतीलाल नेहरू की अध्यक्षता में।
Q6: नेहरू रिपोर्ट में क्या मांग की गई थी?
डोमिनियन स्टेटस, मौलिक अधिकार, संघीय शासन, समान निर्वाचन।
Q7: मुस्लिम लीग ने नेहरू रिपोर्ट का विरोध क्यों किया?
क्योंकि इसमें पृथक निर्वाचन की मांग अस्वीकार की गई थी।
Q8: गांधी-इरविन समझौता कब हुआ?
1931 में।
Q9: पहला गोलमेज सम्मेलन कब हुआ?
1930 में, लंदन में।
Q10: भारत छोड़ो आंदोलन कब शुरू हुआ?
1942 में।
Q11: क्रिप्स मिशन भारत क्यों भेजा गया था?
संविधान सभा बनाने के लिए प्रस्ताव रखने हेतु।
Q12: क्रिप्स मिशन की विफलता का कारण क्या था?
ब्रिटिश सरकार ने तत्काल स्वतंत्रता देने से इंकार किया।
Q13: संविधान सभा की योजना किसने प्रस्तुत की?
कैबिनेट मिशन ने (1946)।
Q14: संविधान सभा के गठन का कानूनी आधार क्या था?
कैबिनेट मिशन योजना, 1946।
Q15: संविधान सभा की पहली बैठक कब हुई?
9 दिसंबर 1946 को।
Q16: संविधान सभा का अध्यक्ष कौन था?
डॉ. राजेंद्र प्रसाद।
Q17: संविधान सभा की कुल बैठकें कितनी थीं?
11 सत्र (Sessions)।
Q18: संविधान निर्माण में कुल कितना समय लगा?
2 वर्ष, 11 माह, और 18 दिन।
Q19: संविधान को कब अपनाया गया?
26 नवंबर 1949 को।
Q20: संविधान को कब लागू किया गया?
26 जनवरी 1950 को।
Q21: संविधान निर्माण की कुल लागत कितनी थी?
लगभग ₹64 लाख।
Q22: किस अधिनियम को भारतीय संविधान का आधार माना गया?
Government of India Act, 1935।
Q23: “India will be Independent only when her people will have constitution of their own.” यह किसने कहा?
Mahatma Gandhi।
Q24: संविधान सभा का गठन किन सिद्धांतों पर हुआ?
लोकतांत्रिक प्रतिनिधित्व और समानता के सिद्धांत पर।
Q25: संविधान सभा की वैधता किस अधिनियम से मिली?
Indian Independence Act, 1947।
Q26: किस आंदोलन ने भारतीय संविधान की दिशा तय की?
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन और असहयोग आंदोलन ने।
Q27: संविधान में ‘धर्मनिरपेक्षता’ का विचार किस नेता से प्रेरित है?
महात्मा गांधी और जवाहरलाल नेहरू से।
Q28: सामाजिक न्याय और समानता की अवधारणा कहाँ से आई?
स्वतंत्रता संग्राम की समाजवादी विचारधारा से।
Q29: भारतीय संविधान में “लोकतंत्र” की अवधारणा का स्रोत क्या है?
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम और ब्रिटिश संसदीय अनुभव दोनों।
Q30: भारतीय संविधान का मूल दर्शन क्या है?
जनता द्वारा, जनता के लिए, और जनता का शासन।