42वें और 86वें संशोधन के प्रावधान

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Last Updated: 9/11/2025

मूल कर्तव्य: 42वें और 86वें संविधान संशोधन के प्रावधान | Indian Polity Notes in Hindi

मूल कर्तव्य: 42वें और 86वें संविधान संशोधन के प्रावधान

भारतीय संविधान में प्रारंभ में **मूल कर्तव्यों (Fundamental Duties)** का उल्लेख नहीं था। इनकी आवश्यकता तब महसूस की गई जब देश में नागरिकों द्वारा केवल अधिकारों की मांग की जा रही थी लेकिन कर्तव्यों की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा था। इस कमी को पूरा करने के लिए **42वाँ संविधान संशोधन (1976)** और बाद में **86वाँ संविधान संशोधन (2002)** लाया गया।


42वाँ संविधान संशोधन (1976) – मूल कर्तव्यों का समावेश

42वाँ संविधान संशोधन भारत के इतिहास में “**मिनी संविधान (Mini Constitution)**” कहा जाता है, क्योंकि इसके द्वारा संविधान में व्यापक परिवर्तन किए गए। इसी संशोधन द्वारा भाग IV-A (Part IV-A) जोड़ा गया, जिसमें नागरिकों के **मूल कर्तव्यों (Fundamental Duties)** को शामिल किया गया।

प्रमुख बिंदु:

  • यह संशोधन **संजय गांधी** के प्रभाव में, प्रधानमंत्री **इंदिरा गांधी** की सरकार द्वारा लागू किया गया।
  • इस संशोधन के तहत संविधान में **अनुच्छेद 51A** जोड़ा गया।
  • मूल कर्तव्यों की संख्या प्रारंभ में **10** रखी गई।
  • इनका उद्देश्य था — नागरिकों में **देशभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्रीय एकता** की भावना को सशक्त करना।
  • मूल प्रेरणा स्रोत: **सोवियत संघ (USSR)** का संविधान।

अनुच्छेद 51A – नागरिकों के मूल कर्तव्य

अनुच्छेद 51A के अंतर्गत प्रत्येक नागरिक के निम्नलिखित कर्तव्य बताए गए:

  1. संविधान, उसके आदर्शों और संस्थाओं का पालन करना तथा उनका सम्मान करना।
  2. राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का आदर करना।
  3. देश की रक्षा करना और राष्ट्रीय सेवा में तत्पर रहना।
  4. देश की एकता और अखंडता की रक्षा करना।
  5. भाईचारे की भावना का विकास करना तथा महिलाओं के प्रति सम्मान बनाए रखना।
  6. संस्कृति की समृद्ध विरासत का संरक्षण करना।
  7. प्राकृतिक पर्यावरण (वन, झील, नदियाँ, वन्यजीव आदि) की रक्षा करना।
  8. वैज्ञानिक दृष्टिकोण और मानवता की भावना विकसित करना।
  9. सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा करना और हिंसा से दूर रहना।
  10. व्यक्तिगत और सामूहिक गतिविधियों में उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास करना।

👉 ये कर्तव्य नागरिकों को यह याद दिलाते हैं कि लोकतंत्र केवल अधिकारों पर आधारित नहीं है, बल्कि *कर्तव्यों के पालन* से ही यह सफल हो सकता है।


86वाँ संविधान संशोधन (2002) – 11वाँ मूल कर्तव्य

86वाँ संविधान संशोधन (2002) के तहत एक **अतिरिक्त कर्तव्य** जोड़ा गया। यह संशोधन **शिक्षा के अधिकार (Right to Education)** से जुड़ा है।

नया कर्तव्य (Clause “k”):

“**6 से 14 वर्ष की आयु के अपने बच्चों या आश्रितों को शिक्षा दिलाना प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य होगा।**”

  • इस संशोधन द्वारा नागरिकों की जिम्मेदारी को शिक्षा के क्षेत्र में भी जोड़ा गया।
  • यह अनुच्छेद 51A (k) के रूप में जोड़ा गया।
  • साथ ही, इस संशोधन ने अनुच्छेद 21A जोड़कर शिक्षा को मौलिक अधिकार बनाया।

सारांश तालिका (Summary Table)

संशोधनवर्षमुख्य प्रावधानपरिणाम
42वाँ संविधान संशोधन 1976 भाग IV-A जोड़ा गया, अनुच्छेद 51A जोड़ा गया 10 मूल कर्तव्य निर्धारित हुए
86वाँ संविधान संशोधन 2002 अनुच्छेद 51A(k) जोड़ा गया 11वाँ कर्तव्य – बच्चों को शिक्षा दिलाना

न्यायिक दृष्टिकोण (Judicial Interpretation)

  • AIIMS Students’ Union v. AIIMS (2001): सुप्रीम कोर्ट ने कहा — “मूल कर्तव्य नागरिकों के लिए संवैधानिक नैतिकता का आधार हैं।”
  • Rangnath Mishra Case (2003): कोर्ट ने कहा — “राज्य को ऐसे कानून बनाने चाहिए जो मूल कर्तव्यों को प्रभावी बनाएं।”
  • MC Mehta v. Union of India (1988): पर्यावरण संरक्षण (Article 51A(g)) को मौलिक जिम्मेदारी बताया।

महत्व और उद्देश्य

  • नागरिकों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना।
  • संविधान के आदर्शों का संरक्षण।
  • राष्ट्रीय एकता, अखंडता और भाईचारे को सशक्त बनाना।
  • लोकतांत्रिक शासन को स्थायी और मजबूत बनाना।
  • नागरिकों को अधिकारों के साथ कर्तव्यों का बोध कराना।

सभी 11 मूल कर्तव्यों की सूची (Article 51A)

  1. (a) संविधान, संस्थाओं और प्रतीकों का आदर।
  2. (b) स्वतंत्रता संग्राम के आदर्शों का पालन।
  3. (c) भारत की एकता और अखंडता की रक्षा।
  4. (d) देश की रक्षा और राष्ट्रीय सेवा।
  5. (e) भाईचारे और सद्भाव की भावना का विकास।
  6. (f) सांस्कृतिक विरासत का संरक्षण।
  7. (g) प्राकृतिक पर्यावरण की रक्षा।
  8. (h) वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सुधार भावना।
  9. (i) सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा और हिंसा से बचना।
  10. (j) सभी क्षेत्रों में उत्कृष्टता प्राप्त करने का प्रयास।
  11. (k) 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा दिलाना।

निष्कर्ष

मूल कर्तव्य भारतीय संविधान का नैतिक पक्ष हैं। जहाँ मौलिक अधिकार नागरिकों को शक्ति देते हैं, वहीं मूल कर्तव्य उन्हें जिम्मेदारी की भावना सिखाते हैं। 42वें और 86वें संशोधन ने संविधान को **अधिकारों और कर्तव्यों का संतुलन** प्रदान किया। इनका पालन करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है ताकि भारत एक सशक्त, नैतिक और लोकतांत्रिक राष्ट्र बन सके।


महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (30+ Questions & Answers)

Q1: मूल कर्तव्यों को संविधान में कब जोड़ा गया?
1976 में, 42वें संशोधन द्वारा।

Q2: मूल कर्तव्यों का उल्लेख किस भाग में है?
भाग IV-A में।

Q3: मूल कर्तव्यों का अनुच्छेद कौन-सा है?
अनुच्छेद 51A।

Q4: मूल कर्तव्यों की प्रेरणा कहाँ से ली गई?
सोवियत संघ (USSR) के संविधान से।

Q5: प्रारंभ में मूल कर्तव्यों की संख्या कितनी थी?
10।

Q6: अब मूल कर्तव्यों की संख्या कितनी है?
11।

Q7: 11वाँ मूल कर्तव्य किस संशोधन से जोड़ा गया?
86वाँ संशोधन (2002)।

Q8: 11वाँ कर्तव्य क्या है?
6–14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा दिलाना।

Q9: शिक्षा का अधिकार किस अनुच्छेद में जोड़ा गया?
अनुच्छेद 21A में।

Q10: अनुच्छेद 51A(g) किससे संबंधित है?
पर्यावरण की रक्षा से।

Q11: किस केस में मूल कर्तव्यों को संवैधानिक नैतिकता कहा गया?
AIIMS Students’ Union v. AIIMS (2001)।

Q12: मूल कर्तव्यों को लागू करने की जिम्मेदारी किसकी है?
प्रत्येक नागरिक की।

Q13: मूल कर्तव्य कब जोड़े गए थे?
3 जनवरी 1977 से प्रभावी हुए।

Q14: मूल कर्तव्यों का उद्देश्य क्या है?
नागरिकों में अनुशासन और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना।

Q15: कौन-सा अनुच्छेद न्यायिक रूप से प्रवर्तनीय नहीं है?
अनुच्छेद 51A।

Q16: मूल कर्तव्यों की सूची किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 51A।

Q17: “राष्ट्रीय ध्वज और राष्ट्रगान का आदर” किस कर्तव्य में है?
अनुच्छेद 51A(a)।

Q18: “वैज्ञानिक दृष्टिकोण” किस कर्तव्य में है?
अनुच्छेद 51A(h)।

Q19: पर्यावरण की रक्षा का कर्तव्य किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 51A(g)।

Q20: सार्वजनिक संपत्ति की रक्षा किस अनुच्छेद में है?
अनुच्छेद 51A(i)।

Q21: कौन-सा संशोधन शिक्षा को Fundamental Right बनाता है?
86वाँ संशोधन (2002)।

Q22: मूल कर्तव्यों की प्रकृति क्या है?
नैतिक और गैर-न्यायिक (Non-Justiciable)।

Q23: मूल कर्तव्यों का संवैधानिक उद्देश्य क्या है?
संविधान के आदर्शों की रक्षा और राष्ट्रीय एकता।

Q24: कौन-सा संशोधन “मिनी संविधान” कहलाता है?
42वाँ संशोधन।

Q25: मूल कर्तव्यों से कौन-सा अनुशासन उत्पन्न होता है?
संवैधानिक अनुशासन और नागरिक जिम्मेदारी।

Q26: कौन-सा कर्तव्य भाईचारे पर बल देता है?
अनुच्छेद 51A(e)।

Q27: कौन-सा कर्तव्य सांस्कृतिक विरासत से जुड़ा है?
अनुच्छेद 51A(f)।

Q28: कौन-सा कर्तव्य उत्कृष्टता प्राप्त करने से जुड़ा है?
अनुच्छेद 51A(j)।

Q29: मूल कर्तव्यों को कौन लागू करवा सकता है?
राज्य कानून बनाकर (Article 51A)।

Q30: मूल कर्तव्यों का सार क्या है?
नागरिकों का नैतिक और सामाजिक दायित्व संविधान की रक्षा हेतु।

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