वित्त आयोग और नीति आयोग (Finance Commission & NITI Aayog): गठन, कार्य और उद्देश्य
भारत के सार्वजनिक नीति एवं वित्तीय शासन के दो केंद्रीय स्तंभ हैं—वित्त आयोग (Finance Commission) और नीति आयोग (NITI Aayog)। जहाँ वित्त आयोग संवैधानिक निकाय होकर केंद्र-राज्य वित्तीय संघवाद को संस्थागत रूप देता है, वहीं नीति आयोग एक नीतिगत थिंक-टैंक के रूप में सहकारी एवं प्रतिस्पर्धी संघवाद को नीति, निगरानी और नवाचार के माध्यम से आगे बढ़ाता है।
भाग A: वित्त आयोग (Finance Commission)
1) गठन (Establishment)
- संवैधानिक आधार: अनुच्छेद 280 के अंतर्गत राष्ट्रपति द्वारा हर पाँच वर्ष में (या आवश्यकता पड़ने पर पहले) वित्त आयोग का गठन।
- स्वरूप: एक संवैधानिक, अर्ध-न्यायिक निकाय; केंद्र और राज्यों के बीच करों के बँटवारे और अनुदानों पर सिफारिशें करता है।
- संरचना: एक अध्यक्ष (Chairman) और अन्य सदस्य—संख्या/योग्यता संसद द्वारा बनाए गए कानून के अंतर्गत निर्धारित।
2) कार्य (Functions) — अनुच्छेद 280(3)
- वर्टिकल शेयरिंग: संघ और राज्यों के बीच केंद्र के कर-राजस्व (Divisible Pool) का बँटवारा।
- हॉरिजॉन्टल शेयरिंग: राज्यों के बीच अंशदान का वितरण—जनसंख्या, आय/राजस्व क्षमता, क्षेत्रफल, वन-आवरण, भौगोलिक/सामाजिक सूचक आदि को ध्यान में रखते हुए।
- अनुदान-इन-एड (Art. 275/अन्य): राज्यों को राजकोषीय घाटे, विशेष आवश्यकताओं, आपदा प्रबंधन, सेक्टोरल/राज्य-विशेष जरूरतों हेतु अनुदान की सिफारिशें।
- स्थानीय निकायों हेतु संसाधन वृद्धि: 73वें/74वें संशोधनों के अनुरूप पंचायतों और नगर निकायों के लिए राज्यों के समेकित कोष में राशि बढ़ाने संबंधी उपायों की सिफारिश।
- राजकोषीय स्थिरता: दायित्व-प्रबंधन, उधारी सीमाएँ, सुधार-सम्बन्धी प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन (जहाँ लागू) पर मार्गदर्शन।
3) उद्देश्य (Objectives)
- वित्तीय संघवाद को सुदृढ़ करना: संसाधनों का न्यायसंगत, पारदर्शी, पूर्वानुमानित बँटवारा।
- संतुलित क्षेत्रीय विकास: कमज़ोर/विशेष श्रेणी की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अंतर-राज्यीय असमानताओं को कम करना।
- राजकोषीय अनुशासन: जिम्मेदार व्यय, दायित्व-प्रबंधन और मिड-टर्म स्टेबिलिटी।
- स्थानीय स्वशासन को बल: ग्राम/शहरी निकायों तक वित्तीय सशक्तिकरण।
4) सिफारिशों का स्वरूप और प्रभाव
- टैक्स-शेयरिंग का फार्मूला (वजन/मानदंड) और अनुदान/प्रदर्शन-आधारित प्रावधान।
- राज्यों की वित्तीय स्वास्थ्य रिपोर्ट, Appropriation/Finance Accounts विश्लेषण के साथ अंतर्दृष्टि।
- केंद्र/राज्य बजट निर्माण, FC-XV (2021–26) जैसी सिफारिशों का ट्रांसफर आर्किटेक्चर पर प्रत्यक्ष प्रभाव।
5) परीक्षा-बिंदु (टिप्स)
- अनुच्छेद 280, गठन अंतराल (5 वर्ष), राष्ट्रपति द्वारा नियुक्ति—बहु-पुछे जाने वाले प्रश्न।
- वर्टिकल बनाम हॉरिजॉन्टल शेयरिंग का अंतर।
- स्थानीय निकायों हेतु अनुदान—73rd/74th संशोधनों के बाद से recurrent theme।
- FC-XV (अध्यक्ष: एन. के. सिंह) — अवधि 2021–26 (सामान्य ज्ञान के लिए उल्लेखनीय)।
भाग B: नीति आयोग (NITI Aayog)
1) गठन (Establishment)
- 1 जनवरी 2015 को केंद्र सरकार के संकल्प/अधिसूचना द्वारा Planning Commission के स्थान पर NITI Aayog की स्थापना।
- स्वरूप: मंत्रिमंडलीय संकल्प-आधारित—संवैधानिक/वैधानिक निकाय नहीं; नीतिगत थिंक-टैंक और प्लेटफ़ॉर्म।
- संरचना (प्रमुख घटक):
- अध्यक्ष: भारत के प्रधानमंत्री।
- उपाध्यक्ष, पूर्ण-कालिक सदस्य, सीईओ; संबंधित केंद्रीय मंत्री पदेन सदस्य/विशेष आमंत्रित।
- गवर्निंग काउंसिल: सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के CM/LG—सहकारी संघवाद का मंच।
- क्षेत्रीय परिषदें: विशिष्ट अंतर-राज्यीय मुद्दों के समाधान हेतु।
2) कार्य (Functions)
- Cooperative & Competitive Federalism: राज्यों की आवश्यकताओं के अनुरूप policy customization, बेस्ट-प्रैक्टिस का प्रसार, इंडेक्स/रैंकिंग (जैसे SDG India Index, Health/School Education/Export Preparedness आदि) के माध्यम से प्रतिस्पर्धी सुधार।
- रणनीति, दृष्टि व निगरानी: Vision, Strategy, Action Agenda दस्तावेज़; DMEO के जरिए योजनाओं/परियोजनाओं का आउटकम-आधारित मूल्यांकन।
- नवाचार एवं उद्यमिता: Atal Innovation Mission (AIM), स्टार्टअप इकोसिस्टम, अटल टिंकरिंग लैब्स/इन्क्यूबेटर।
- SDGs का स्थानीयकरण: राज्यों के साथ Target/Indicator सेटिंग, डेटा/मॉनिटरिंग व क्षमता निर्माण।
- नीति परामर्श: कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, ऊर्जा, लॉजिस्टिक्स, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर आदि पर कार्य-समूह, रोडमैप और पायलट।
3) उद्देश्य (Objectives)
- भागीदारी-आधारित नीति-निर्माण: केंद्र-राज्य-उद्योग-समाज के साथ सह-निर्माण।
- राज्य-विशिष्ट विकास: One-size-fits-all के बजाय custom solutions।
- डेटा-संचालित शासन: साक्ष्य-आधारित नीति और परिणाम-आधारित क्रियान्वयन।
- रोज़गार, उत्पादकता और समावेशी विकास: कौशल, MSME, क्षेत्रीय संतुलन, महिला-उद्यमिता।
4) योजना आयोग से अंतर (Key Differences)
- योजना आयोग: पाँच-वर्षीय योजनाएँ, वित्तीय आवंटन में प्रमुख भूमिका।
- नीति आयोग: वित्तीय आवंटन का प्रत्यक्ष अधिकार नहीं; नीति, रणनीति, आकलन, नवाचार पर फोकस।
तुलनात्मक दृष्टि: वित्त आयोग बनाम नीति आयोग
- कानूनी स्थिति: वित्त आयोग—संवैधानिक; नीति आयोग—कार्यपालिका का थिंक-टैंक।
- कोर फोकस: वित्त आयोग—राजस्व बँटवारा/अनुदान; नीति आयोग—नीति/मूल्यांकन/नवाचार।
- आउटकम/प्रभाव: वित्त आयोग की सिफारिशें ट्रांसफर आर्किटेक्चर बदलती हैं; नीति आयोग शासन/नीति-डिज़ाइन और राज्य-स्तरीय सुधार को प्रेरित करता है।
📘 महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions & Answers)
Q1. वित्त आयोग किस अनुच्छेद के अंतर्गत गठित होता है?
उत्तर: अनुच्छेद 280।
Q2. वित्त आयोग का गठन कौन करता है और कितनी अवधि में?
उत्तर: राष्ट्रपति द्वारा; सामान्यतः हर पाँच वर्ष में।
Q3. वित्त आयोग के मुख्य कार्य क्या हैं?
उत्तर: केंद्र-राज्य और राज्यों के बीच कर-राजस्व का बँटवारा, अनुदान-इन-एड की सिफारिश, स्थानीय निकायों के संसाधन बढ़ाना।
Q4. वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल शेयरिंग में अंतर?
उत्तर: वर्टिकल—केंद्र बनाम राज्य; हॉरिजॉन्टल—राज्य बनाम राज्य।
Q5. वित्त आयोग का उद्देश्य क्या है?
उत्तर: संघीय वित्तीय संतुलन, समान्य/समावेशी विकास और राजकोषीय अनुशासन सुनिश्चित करना।
Q6. स्थानीय निकायों के लिए वित्त आयोग क्या सिफारिश करता है?
उत्तर: पंचायत/नगर निकायों हेतु अनुदान और राज्यों के समेकित कोष को बढ़ाने के उपाय।
Q7. 15वें वित्त आयोग की अवधि क्या रही?
उत्तर: वित्तीय वर्ष 2021–2026 के लिए सिफारिशें लागू।
Q8. नीति आयोग कब और क्यों बना?
उत्तर: 1 जनवरी 2015; योजना आयोग के स्थान पर, सहकारी व प्रतिस्पर्धी संघवाद तथा नीति-आधारित शासन के लिए।
Q9. नीति आयोग का अध्यक्ष कौन होता है?
उत्तर: भारत के प्रधानमंत्री।
Q10. नीति आयोग का कानूनी स्वरूप क्या है?
उत्तर: संवैधानिक/वैधानिक नहीं; कार्यपालिका का थिंक-टैंक (एग्जीक्यूटिव रेज़ोल्यूशन से स्थापित)।
Q11. DMEO क्या करता है?
उत्तर: कार्यक्रमों/योजनाओं का परिणाम-आधारित मूल्यांकन और निगरानी।
Q12. AIM (Atal Innovation Mission) का फोकस?
उत्तर: नवाचार/उद्यमिता पारिस्थितिकी—ATL/इन्क्यूबेशन/चैलेंजेज।
Q13. SDG Localization में नीति आयोग की भूमिका?
उत्तर: सूचकांक/डेटा/क्षमता निर्माण के माध्यम से राज्यों की सहायता।
Q14. नीति आयोग और योजना आयोग में मूल अंतर?
उत्तर: योजना आयोग वित्तीय आवंटन करता था; नीति आयोग नीति-परामर्श/रणनीति/आकलन करता है।
Q15. वित्त आयोग के अनुदान किस आधार पर होते हैं?
उत्तर: जरूरत, प्रदर्शन, आपदा प्रबंधन, सेक्टोरल प्राथमिकताएँ आदि।
Q16. हॉरिजॉन्टल शेयरिंग के आम मानदंड?
उत्तर: जनसंख्या, आय/राजस्व क्षमता, क्षेत्रफल, वन-आवरण, भौगोलिक-सामाजिक सूचक।
Q17. क्या नीति आयोग संविधान में उल्लिखित है?
उत्तर: नहीं।
Q18. वित्त आयोग की सिफारिशें बाध्यकारी हैं?
उत्तर: वे सलाहात्मक होती हैं, पर परंपरागत रूप से उच्च महत्व दिया जाता है।
Q19. गवर्निंग काउंसिल क्या है?
उत्तर: नीति आयोग का मंच, जिसमें सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के CM/LG शामिल होते हैं।
Q20. वित्तीय संघवाद का अर्थ?
उत्तर: संघीय संरचना में राजस्व/व्यय जिम्मेदारियों और संसाधनों का संतुलित वितरण।
Q21. Art. 275 का संबंध?
उत्तर: राज्यों को अनुदान-इन-एड।
Q22. नीति आयोग कैसे प्रतिस्पर्धी संघवाद बढ़ाता है?
उत्तर: इंडेक्स/रैंकिंग, केस स्टडी/बेंचमार्किंग, बेस्ट-प्रैक्टिस प्रसार।
Q23. पंचायती राज के लिए वित्त आयोग की भूमिका?
उत्तर: स्थानीय निकायों को अनुदान/संसाधन-संवर्धन की सिफारिश।
Q24. नीति आयोग का CEO/उपाध्यक्ष कौन नियुक्त करता है?
उत्तर: केंद्र सरकार/प्रधानमंत्री की सिफारिश पर।
Q25. वित्त आयोग “अर्ध-न्यायिक” क्यों?
उत्तर: डेटा/मानदंड/सुनवाई के आधार पर कारणबद्ध सिफारिशें—न्यायसंगतता पर बल।
Q26. क्या नीति आयोग फंड रिलीज़ करता है?
उत्तर: सामान्यतः नहीं; यह परामर्श/आकलन/नवाचार पर केंद्रित है।
Q27. Divisible Pool क्या है?
उत्तर: केंद्र के कर-राजस्व का वह भाग जो राज्यों के साथ बाँटा जाता है।
Q28. नीति आयोग का एक प्रमुख प्रकाशन?
उत्तर: Vision/Strategy/Action Agenda दस्तावेज़, विभिन्न सेक्टरल रोडमैप।
Q29. आपदा प्रबंधन फंड्स में वित्त आयोग की भूमिका?
उत्तर: SDRF/NDRF हेतु आवंटन/मानदंड पर सिफारिशें (जहाँ प्रासंगिक)।
Q30. वित्त आयोग के मानदंड बदलते क्यों रहते हैं?
उत्तर: विकास-स्तर/जनसांख्यिकी/राजस्व क्षमता/नीतिगत प्राथमिकताओं के अनुसार।
Q31. नीति आयोग “Cooperative Federalism” कैसे बढ़ाता है?
उत्तर: केंद्र-राज्य कार्यशालाएँ, थीमैटिक टास्क फोर्स, साझा समाधान।
Q32. योजना आयोग का मुख्य कार्य क्या था?
उत्तर: पाँच-वर्षीय योजनाएँ बनाना और संसाधन आवंटन।
Q33. नीति आयोग का डेटा-फोकस क्यों महत्वपूर्ण है?
उत्तर: साक्ष्य-आधारित नीति-निर्माण और समयबद्ध परिणाम सुनिश्चित करने हेतु।
Q34. वित्त आयोग की सिफारिशें किन दस्तावेजों में दिखती हैं?
उत्तर: केंद्र/राज्य बजट, अनुच्छेद 280 रिपोर्ट, ट्रांसफर फार्मूला/अनुदान।
Q35. नीति आयोग द्वारा राज्यों को क्या सहायता मिलती है?
उत्तर: नीति डिजाइन, मूल्यांकन, क्षमता निर्माण, पायलट प्रोजेक्ट्स, बेंचमार्किंग।
Q36. वित्त आयोग की सिफारिशें बाध्यकारी न होते हुए भी महत्त्वपूर्ण क्यों?
उत्तर: संघीय वित्त व्यवस्था की वैधता/स्थिरता इन पर निर्भर; परंपरागत स्वीकार्यता।
Q37. NITI के क्षेत्रीय परिषदों का उद्देश्य?
उत्तर: अंतर-राज्यीय मुद्दों पर सहयोगी समाधान।
Q38. Competitive Federalism का लाभ?
उत्तर: राज्यों में सुधार के लिए स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, सेवाओं की गुणवत्ता में वृद्धि।
Q39. Art. 280(3) में क्या-क्या है?
उत्तर: कर-राजस्व बँटवारा, अनुदान, राज्यों/स्थानीय निकायों के संसाधन संवर्धन आदि पर सिफारिशें।
Q40. UPSC/PCS हेतु हाई-यील्ड तथ्य?
उत्तर: वित्त आयोग—अनु. 280, 5-वर्षीय अंतराल; नीति आयोग—2015, थिंक-टैंक, वित्तीय आवंटन अधिकार नहीं।
Q41. NITI इंडेक्स का उद्देश्य?
उत्तर: राज्यों को तुलनात्मक प्रदर्शन दिखाकर सुधार हेतु प्रेरित करना।
Q42. Local Bodies Grants क्यों अहम हैं?
उत्तर: जमीनी सेवा-प्रदाय (जल, स्वच्छता, सड़कों) की वित्तीय क्षमता बढ़ाने के लिए।
निष्कर्ष
वित्त आयोग संविधान-सम्मत वित्तीय संतुलन और संसाधन-साझेदारी को सुनिश्चित करता है, जबकि नीति आयोग सहकारी/प्रतिस्पर्धी संघवाद, डेटा-आधारित नीति और नवाचार से कार्यान्वयन क्षमता बढ़ाता है। दोनों मिलकर भारतीय शासन-व्यवस्था में समन्वित, जवाबदेह और परिणामोन्मुख सार्वजनिक नीति-परितंत्र का निर्माण करते हैं।