प्रमुख संशोधन

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Last Updated: 11/11/2025

भारतीय संविधान के प्रमुख संशोधन | 42वाँ, 44वाँ, 52वाँ, 73वाँ, 86वाँ, 101वाँ संशोधन

भारतीय संविधान के प्रमुख संशोधन (Important Constitutional Amendments)

भारतीय संविधान एक गतिशील और जीवंत दस्तावेज़ है। 1949 से अब तक इसमें 100 से अधिक संशोधन किए जा चुके हैं, जिन्होंने देश की राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक दिशा को आकार दिया है। यहाँ हम उन प्रमुख संशोधनों का विस्तृत अध्ययन करेंगे, जिन्होंने भारतीय लोकतंत्र पर गहरा प्रभाव डाला।


42वाँ संशोधन (1976) – “मिनी संविधान”

42वाँ संशोधन भारतीय संविधान के इतिहास में सबसे बड़ा और व्यापक संशोधन था। इसे इंदिरा गांधी सरकार ने आपातकाल (1975–77) के दौरान पारित किया था। इसे “Mini Constitution” कहा जाता है क्योंकि इसने लगभग पूरे संविधान को प्रभावित किया।

प्रमुख प्रावधान:

  • प्रस्तावना में “समाजवादी”, “धर्मनिरपेक्ष” और “एकता एवं अखंडता” शब्द जोड़े गए।
  • राज्य के नीति निदेशक तत्वों को मौलिक अधिकारों से अधिक महत्व दिया गया।
  • संविधान संशोधन पर न्यायिक समीक्षा की सीमा तय की गई।
  • अनुच्छेद 51A जोड़कर मौलिक कर्तव्यों की शुरुआत की गई।
  • लोकसभा और विधानसभाओं का कार्यकाल 5 से बढ़ाकर 6 वर्ष किया गया।
  • न्यायपालिका की शक्तियों में कटौती की गई।
  • केंद्र को राज्यों पर अधिक नियंत्रण दिया गया।

44वाँ संशोधन (1978) – आपातकालीन सुधार संशोधन

यह संशोधन जनता पार्टी सरकार द्वारा पारित किया गया, जिसका उद्देश्य 42वें संशोधन के दौरान किए गए कुछ अधिनायकवादी प्रावधानों को समाप्त करना था।

प्रमुख प्रावधान:

  • आपातकाल की घोषणा के लिए “आंतरिक अस्थिरता” (Internal Disturbance) शब्द को हटाकर “सशस्त्र विद्रोह (Armed Rebellion)” जोड़ा गया।
  • लोकसभा और राज्य विधानसभाओं का कार्यकाल फिर से 5 वर्ष किया गया।
  • मौलिक अधिकारों की सुरक्षा बहाल की गई।
  • अनुच्छेद 352 के तहत आपातकाल लागू करने के लिए कैबिनेट की लिखित स्वीकृति आवश्यक की गई।
  • न्यायिक स्वतंत्रता पुनः स्थापित की गई।
  • संपत्ति का अधिकार (Right to Property) मौलिक अधिकार से हटाकर वैधानिक अधिकार बना दिया गया।

52वाँ संशोधन (1985) – दल-बदल विरोधी कानून (Anti-Defection Law)

यह संशोधन राजनीतिक अस्थिरता और दल-बदल को रोकने के लिए किया गया। इससे संविधान में दसवीं अनुसूची (Tenth Schedule) जोड़ी गई।

प्रमुख प्रावधान:

  • किसी भी सांसद या विधायक द्वारा दल बदलने पर उसकी सदस्यता समाप्त होगी।
  • स्पीकर या सभापति इस विषय पर अंतिम निर्णय देगा।
  • दो-तिहाई बहुमत से दल के विलय की स्थिति में सदस्यता समाप्त नहीं होगी।
  • उद्देश्य – राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना।

73वाँ संशोधन (1992) – पंचायती राज व्यवस्था

यह संशोधन ग्रामीण स्वशासन को संवैधानिक दर्जा देने के लिए किया गया। इसने संविधान में भाग IX (Part IX) और अनुसूची 11 जोड़ी।

प्रमुख प्रावधान:

  • ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की तीन स्तरीय प्रणाली।
  • हर पाँच वर्ष में पंचायतों के चुनाव अनिवार्य।
  • SC/ST और महिलाओं के लिए आरक्षण (कम से कम 33%)।
  • राज्य वित्त आयोग और राज्य चुनाव आयोग की स्थापना।
  • पंचायतों को 29 विषयों पर अधिकार।

74वाँ संशोधन (1992) – शहरी स्थानीय शासन

यह संशोधन शहरी क्षेत्रों में स्वशासन को संवैधानिक मान्यता देता है। इससे संविधान में भाग IXA और अनुसूची 12 जोड़ी गई।

प्रमुख प्रावधान:

  • नगर पालिका, नगर परिषद और नगर निगम की स्थापना।
  • 5-वर्षीय चुनावी अवधि।
  • महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए आरक्षण।
  • राज्य वित्त आयोग और राज्य चुनाव आयोग के नियंत्रण में चुनाव।
  • शहरी योजना, जल प्रबंधन, परिवहन आदि पर अधिकार।

86वाँ संशोधन (2002) – शिक्षा का अधिकार

इस संशोधन द्वारा 6 से 14 वर्ष के बच्चों को शिक्षा का अधिकार प्रदान किया गया। इसे संविधान के भाग III में जोड़ा गया।

प्रमुख प्रावधान:

  • अनुच्छेद 21A जोड़ा गया — “राज्य 6–14 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को निःशुल्क और अनिवार्य शिक्षा देगा।”
  • DPSP के अनुच्छेद 45 में संशोधन — अब यह 0–6 वर्ष के बच्चों की देखभाल पर केंद्रित।
  • मौलिक कर्तव्यों में नया बिंदु जोड़ा गया — माता-पिता की जिम्मेदारी शिक्षा दिलाने की।

101वाँ संशोधन (2016) – वस्तु एवं सेवा कर (GST)

यह भारत में कर सुधार का सबसे बड़ा संवैधानिक संशोधन था। इस संशोधन ने केंद्र और राज्य के कर तंत्र को एकीकृत किया।

प्रमुख प्रावधान:

  • संविधान में नया अनुच्छेद 246A जोड़ा गया।
  • संघ और राज्यों दोनों को वस्तु एवं सेवा कर लगाने का अधिकार।
  • GST परिषद (Article 279A) की स्थापना।
  • GST ने 17 अप्रत्यक्ष करों को समाप्त किया।
  • राज्यों को 5 वर्ष तक राजस्व क्षतिपूर्ति की गारंटी।

अन्य महत्वपूर्ण संशोधन (At a Glance)

संशोधनवर्षमुख्य विषय
1वाँ1951मौलिक अधिकारों में सीमाएँ, भूमि सुधार।
24वाँ1971संसद को संशोधन की शक्ति दी।
52वाँ1985दल-बदल विरोधी कानून।
61वाँ1988मतदान आयु घटाकर 18 वर्ष की गई।
86वाँ2002शिक्षा का अधिकार (Article 21A)।
101वाँ2016GST लागू किया गया।

निष्कर्ष

संविधान संशोधन भारत के लोकतांत्रिक विकास की प्रक्रिया है। हर संशोधन ने भारत की राजनीतिक व्यवस्था, शासन और नागरिक अधिकारों को नई दिशा दी है। 42वाँ और 44वाँ संशोधन ने राजनीतिक संतुलन को पुनर्स्थापित किया, 73वाँ और 74वाँ संशोधन ने लोकतंत्र को गाँव और नगर तक पहुँचाया, जबकि 86वाँ और 101वाँ संशोधन ने शिक्षा और आर्थिक सुधारों को नया आयाम दिया।


महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (Important Questions & Answers)

Q1: कौन सा संशोधन “मिनी संविधान” कहलाता है?
42वाँ संशोधन।

Q2: 42वें संशोधन में कौन-से शब्द प्रस्तावना में जोड़े गए?
समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, एकता और अखंडता।

Q3: कौन सा संशोधन आपातकालीन प्रावधानों से संबंधित है?
44वाँ संशोधन।

Q4: संपत्ति का अधिकार मौलिक अधिकार से कब हटाया गया?
44वें संशोधन (1978) द्वारा।

Q5: कौन सा संशोधन दल-बदल विरोधी कानून लाया?
52वाँ संशोधन (1985)।

Q6: 73वाँ संशोधन किससे संबंधित है?
पंचायती राज व्यवस्था।

Q7: 74वाँ संशोधन किससे संबंधित है?
नगर पालिका और नगर निगम।

Q8: 86वाँ संशोधन किस अधिकार से जुड़ा है?
शिक्षा का अधिकार (Article 21A)।

Q9: 101वाँ संशोधन किससे संबंधित है?
वस्तु एवं सेवा कर (GST)।

Q10: संविधान में मौलिक कर्तव्य कब जोड़े गए?
42वें संशोधन (1976) द्वारा।

Q11: कौन सा संशोधन मतदान की आयु घटाता है?
61वाँ संशोधन (1988)।

Q12: 44वाँ संशोधन किस सरकार ने लाया?
जनता पार्टी सरकार।

Q13: कौन सा संशोधन अनुच्छेद 21A जोड़ता है?
86वाँ संशोधन।

Q14: कौन सा संशोधन अनुच्छेद 279A जोड़ता है?
101वाँ संशोधन।

Q15: कौन सा संशोधन पंचायतों को संवैधानिक दर्जा देता है?
73वाँ संशोधन।

Q16: कौन सा संशोधन न्यायिक समीक्षा को सीमित करता है?
42वाँ संशोधन।

Q17: कौन सा संशोधन ‘Armed Rebellion’ शब्द लाया?
44वाँ संशोधन।

Q18: कौन सा संशोधन राज्यों के वित्त आयोग से जुड़ा है?
73वाँ और 74वाँ।

Q19: कौन सा संशोधन ‘GST Council’ बनाता है?
101वाँ संशोधन।

Q20: कौन सा संशोधन पंचायती राज से संबंधित है?
73वाँ संशोधन।

Q21: कौन सा संशोधन शिक्षा के अधिकार को मौलिक बनाता है?
86वाँ संशोधन।

Q22: कौन सा संशोधन ‘Fundamental Duties’ जोड़ता है?
42वाँ संशोधन।

Q23: कौन सा संशोधन संपत्ति अधिकार को समाप्त करता है?
44वाँ संशोधन।

Q24: कौन सा संशोधन संविधान में सबसे व्यापक है?
42वाँ संशोधन।

Q25: GST लागू किस वर्ष हुआ?
2017 (101वाँ संशोधन)।

Q26: संविधान में अब तक कितने संशोधन हुए?
2025 तक 106।

Q27: किस संशोधन से बच्चों की शिक्षा का कर्तव्य जोड़ा गया?
86वाँ संशोधन।

Q28: कौन सा संशोधन पंचायती चुनाव अनिवार्य करता है?
73वाँ संशोधन।

Q29: कौन सा संशोधन नगर निगमों को संवैधानिक दर्जा देता है?
74वाँ संशोधन।

Q30: कौन सा संशोधन अनुच्छेद 368 को स्पष्ट करता है?
24वाँ संशोधन।

Q31: कौन सा संशोधन राज्यपाल की भूमिका से संबंधित नहीं है?
52वाँ।

Q32: कौन सा संशोधन संघीय ढाँचे को प्रभावित करता है?
42वाँ।

Q33: कौन सा संशोधन दल बदल कानून लागू करता है?
52वाँ संशोधन।

Q34: कौन सा संशोधन राज्य वित्त आयोग बनाता है?
73वाँ और 74वाँ।

Q35: कौन सा संशोधन संपत्ति अधिकार हटाता है?
44वाँ।

Q36: कौन सा संशोधन मौलिक अधिकारों पर सीमा लगाता है?
1वाँ संशोधन।

Q37: कौन सा संशोधन ‘Fundamental Duties’ जोड़ता है?
42वाँ।

Q38: कौन सा संशोधन Planning Commission की भूमिका को अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावित करता है?
42वाँ।

Q39: कौन सा संशोधन शहरी स्थानीय निकायों से संबंधित है?
74वाँ।

Q40: कौन सा संशोधन GST परिषद को शक्ति देता है?
101वाँ।

Q41: कौन सा संशोधन शिक्षा को मौलिक कर्तव्य बनाता है?
86वाँ।

Q42: कौन सा संशोधन संविधान की मूल संरचना से संबंधित नहीं है?
73वाँ।

Q43: कौन सा संशोधन “Moral Duties” लाता है?
42वाँ।

Q44: कौन सा संशोधन न्यायिक पुनर्वलोकन पुनर्स्थापित करता है?
44वाँ।

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