नागरिकता अधिनियम, 1955 (Citizenship Act, 1955)
भारतीय संविधान के अनुच्छेद 11 के अंतर्गत संसद को यह शक्ति दी गई है कि वह नागरिकता से संबंधित प्रावधानों पर कानून बना सके। इसी शक्ति के अंतर्गत संसद ने “नागरिकता अधिनियम, 1955 (Citizenship Act, 1955)” पारित किया, जो भारत में नागरिकता की प्राप्ति, समाप्ति और निरसन की संपूर्ण प्रक्रिया को परिभाषित करता है। यह अधिनियम 30 दिसंबर 1955 से लागू हुआ।
उद्देश्य (Objective of the Act)
- नागरिकता प्राप्त करने के विभिन्न तरीकों को निर्धारित करना।
- नागरिकता समाप्त करने और निरस्त करने की प्रक्रिया तय करना।
- प्रवासी भारतीयों, पंजीकृत नागरिकों, और प्राकृतिक रूप से नागरिक बने व्यक्तियों के अधिकारों को सुनिश्चित करना।
- कानूनी रूप से “भारतीय नागरिक” की परिभाषा तय करना।
अधिनियम के अंतर्गत नागरिकता प्राप्त करने के पाँच प्रमुख तरीके (Modes of Acquisition of Citizenship)
1️⃣ जन्म द्वारा (By Birth)
नागरिकता अधिनियम की धारा 3 के अनुसार —
- 26 जनवरी 1950 से 1 जुलाई 1987 के बीच भारत में जन्मा हर व्यक्ति भारतीय नागरिक होगा।
- 1 जुलाई 1987 से 3 दिसंबर 2004 के बीच जन्म लेने वाले व्यक्ति तभी नागरिक होंगे जब उनके माता-पिता में से कोई एक भारतीय नागरिक हो।
- 3 दिसंबर 2004 के बाद जन्मे व्यक्ति तभी भारतीय नागरिक होंगे जब — (a) दोनों माता-पिता भारतीय नागरिक हों या (b) एक माता-पिता भारतीय नागरिक हो और दूसरा गैरकानूनी प्रवासी न हो।
2️⃣ वंश द्वारा (By Descent)
यदि कोई व्यक्ति भारत के बाहर जन्मा है और उसके माता-पिता में से कोई भारतीय नागरिक है, तो वह “वंश द्वारा” भारतीय नागरिक कहलाता है। लेकिन उसे भारतीय दूतावास या वाणिज्य दूतावास में पंजीकरण कराना आवश्यक है। (धारा 4)
3️⃣ पंजीकरण द्वारा (By Registration)
निम्नलिखित श्रेणियों के लोग भारत सरकार के समक्ष आवेदन देकर नागरिकता प्राप्त कर सकते हैं —
- भारतीय मूल के व्यक्ति जो भारत में सामान्य रूप से निवास कर रहे हैं।
- भारतीय नागरिक से विवाहित व्यक्ति।
- भारत के बाहर बसे भारतीय मूल के व्यक्ति।
- 18 वर्ष से अधिक आयु का व्यक्ति जो सात वर्ष तक भारत में निवास कर चुका है।
4️⃣ प्राकृतिककरण द्वारा (By Naturalisation)
कोई भी विदेशी व्यक्ति यदि भारत में 12 वर्ष (11 वर्ष लगातार + 1 वर्ष आवेदन से पहले) तक निवास कर चुका है, तो वह प्राकृतिककरण द्वारा नागरिकता प्राप्त कर सकता है। इसके लिए उसे भारतीय संविधान और कानूनों के प्रति निष्ठा की शपथ लेनी होती है।
5️⃣ क्षेत्र सम्मिलन द्वारा (By Incorporation of Territory)
यदि भारत में किसी नए क्षेत्र को सम्मिलित किया जाता है (जैसे – गोवा, पुडुचेरी, सिक्किम), तो उस क्षेत्र के निवासी स्वतः भारतीय नागरिक बन जाते हैं। (धारा 7)
नागरिकता समाप्त करने के तीन तरीके (Modes of Loss of Citizenship)
1️⃣ त्याग (Renunciation)
यदि कोई भारतीय नागरिक स्वेच्छा से अपनी नागरिकता छोड़ देता है, तो वह भारत का नागरिक नहीं रहेगा। 18 वर्ष से कम आयु का उसका बच्चा भी स्वतः नागरिकता खो देगा, लेकिन 18 वर्ष की आयु पर पुनः नागरिकता प्राप्त कर सकता है।
2️⃣ समाप्ति (Termination)
यदि कोई व्यक्ति स्वेच्छा से किसी अन्य देश की नागरिकता लेता है, तो उसकी भारतीय नागरिकता स्वतः समाप्त हो जाती है।
3️⃣ निरसन (Deprivation)
भारत सरकार किसी व्यक्ति की नागरिकता निरस्त (Revoke) कर सकती है यदि —
- उसने धोखे या गलत सूचना से नागरिकता प्राप्त की हो।
- उसने संविधान के प्रति असत्य निष्ठा दिखाई हो।
- उसने युद्ध में शत्रु देश की सहायता की हो।
- वह विदेश में लगातार सात वर्ष से अधिक रह रहा हो।
महत्वपूर्ण संशोधन (Major Amendments in the Act)
| वर्ष | संशोधन | मुख्य बिंदु |
|---|---|---|
| 1986 | पहला संशोधन | माता-पिता में से कम से कम एक का भारतीय नागरिक होना अनिवार्य। |
| 1992 | दूसरा संशोधन | वंश द्वारा नागरिकता में माँ की स्थिति बराबर की गई। |
| 2003 | तीसरा संशोधन | NRC (National Register of Citizens) की अवधारणा, OCI (Overseas Citizenship of India)। |
| 2005 | चौथा संशोधन | PIO (Person of Indian Origin) और OCI को मिलाकर एक नया दर्जा। |
| 2015 | पाँचवाँ संशोधन | PIO और OCI कार्ड को एकीकृत किया गया। |
| 2019 | छठा संशोधन (CAA) | पाकिस्तान, बांग्लादेश, अफगानिस्तान के हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी, ईसाई को नागरिकता का अधिकार। |
प्रवासी भारतीय और नागरिकता
- OCI (Overseas Citizen of India) और PIO (Person of Indian Origin) कार्ड भारत सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं।
- ये भारतीय नागरिक नहीं होते, लेकिन उन्हें भारत में निवेश, संपत्ति और यात्रा में विशेष अधिकार मिलते हैं।
- इनके पास मतदान और संवैधानिक पदों पर आसीन होने का अधिकार नहीं है।
नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (CAA 2019)
यह अधिनियम दिसंबर 2019 में पारित हुआ। इसके अंतर्गत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आए अल्पसंख्यक समुदायों (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी, ईसाई) को नागरिकता प्रदान करने का प्रावधान किया गया है, यदि वे 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए हों।
निष्कर्ष
नागरिकता अधिनियम, 1955 भारतीय नागरिकता का कानूनी ढाँचा है। इसने भारत को एक लचीला, न्यायसंगत और समावेशी नागरिकता प्रणाली दी है, जो संविधान की भावना — “समानता, एकता और अखंडता” — को व्यवहारिक रूप में लागू करती है।
महत्वपूर्ण प्रश्नोत्तर (30 Questions & Answers)
Q1: नागरिकता अधिनियम कब पारित हुआ?
1955 में।
Q2: यह अधिनियम किस अनुच्छेद के अंतर्गत बनाया गया?
अनुच्छेद 11।
Q3: यह अधिनियम कब लागू हुआ?
30 दिसंबर 1955 को।
Q4: नागरिकता प्राप्त करने के कितने तरीके हैं?
5 तरीके।
Q5: जन्म द्वारा नागरिकता किस धारा में है?
धारा 3।
Q6: वंश द्वारा नागरिकता किस धारा में है?
धारा 4।
Q7: पंजीकरण द्वारा नागरिकता किस धारा में है?
धारा 5।
Q8: प्राकृतिककरण द्वारा नागरिकता किस धारा में है?
धारा 6।
Q9: क्षेत्र सम्मिलन द्वारा नागरिकता किस धारा में है?
धारा 7।
Q10: भारतीय नागरिकता समाप्त करने के कितने तरीके हैं?
3 तरीके — त्याग, समाप्ति, निरसन।
Q11: नागरिकता त्याग की धारा कौन-सी है?
धारा 8।
Q12: नागरिकता समाप्ति की धारा कौन-सी है?
धारा 9।
Q13: नागरिकता निरसन की धारा कौन-सी है?
धारा 10।
Q14: प्राकृतिककरण के लिए कितने वर्ष का निवास आवश्यक है?
12 वर्ष।
Q15: OCI क्या है?
Overseas Citizen of India — प्रवासी भारतीयों के लिए विशेष दर्जा।
Q16: क्या OCI को मतदान का अधिकार है?
नहीं।
Q17: CAA 2019 किन देशों से संबंधित है?
पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान।
Q18: CAA के तहत किन धर्मों को शामिल किया गया?
हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई।
Q19: CAA में मुस्लिम समुदाय को क्यों शामिल नहीं किया गया?
क्योंकि ये तीनों देश मुस्लिम बहुल हैं।
Q20: नागरिकता संशोधन अधिनियम कब पारित हुआ?
2019 में।
Q21: CAA लागू होने की तिथि क्या है?
10 जनवरी 2020।
Q22: नागरिकता अधिनियम में NRC का उल्लेख कब जोड़ा गया?
2003 में।
Q23: नागरिकता का पंजीकरण कौन कराता है?
गृह मंत्रालय के अंतर्गत रजिस्ट्रार जनरल।
Q24: भारत में नागरिकता का कौन-सा प्रकार है?
एकल नागरिकता (Single Citizenship)।
Q25: क्या भारत में द्वैध नागरिकता संभव है?
नहीं।
Q26: प्रवासी भारतीय नागरिकता किस रूप में पा सकते हैं?
OCI या PIO कार्ड के रूप में।
Q27: PIO और OCI को कब जोड़ा गया?
2015 में।
Q28: नागरिकता अधिनियम की धारा 10 किस विषय से जुड़ी है?
निरसन (Deprivation) से।
Q29: क्या नागरिकता अधिनियम 1955 में संविधान संशोधन आवश्यक होता है?
नहीं, यह सामान्य कानून है।
Q30: नागरिकता अधिनियम का मुख्य उद्देश्य क्या है?
नागरिकता का अधिग्रहण, समाप्ति और विनियमन करना।