भारतीय राष्ट्रीय आन्दोलन (Indian National Movement)
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन विभिन्न चरणों और रणनीतियों के माध्यम से ब्रिटिश शासन के विरुद्ध लड़ा गया। यह आंदोलन 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम से शुरू होकर 1947 के स्वतंत्रता तक पहुंचा, जिसकी प्रमुख धाराएँ प्रारंभिक राष्ट्रीयता, स्वदेशी एवं उग्रवादी, गांधीवादी युग और क्रांतिकारी आंदोलन थीं।
1. प्रारंभिक राष्ट्रीयता (Early Nationalism: 1885–1905)
- 1885 में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना।
- मॉडरेट्स जैसे दादाभाई नौरोजी, गोपाल कृष्ण गोखले ने राजनीतिक सुधारों की मांग की।
- आर्थिक शोषण के खिलाफ "ड्रेन थ्योरी" प्रस्तुत की।
- बंधपत्र, संसदीय सुधारों की मांग।
- 1905 बंगाल विभाजन के विरोध में प्रारंभिक स्वदेशी आंदोलन।
2. स्वदेशी एवं उग्रवादी चरण (Swadeshi & Extremist Phase)
- 1905 बंगाल विभाजन के विरोध में स्वदेशी आंदोलन का उदय।
- उग्रवादी नेताओं: बाल गंगाधर तिलक, लाला लाजपत राय, बिपिन चंद्र पाल।
- ब्रिटिश वस्तुओं का बहिष्कार, देसी उद्योगों को बढ़ावा।
- राष्ट्रीय भावनाओं का प्रबल उदय।
- 1908 में लोकमान्य तिलक जेल गए।
3. गांधीवादी युग (Gandhian Era)
- महात्मा गांधी का 1915 में भारत में आगमन।
- पहला आंदोलन: असहयोग आंदोलन (1920-22) – ब्रिटिश वस्तुओं का विरोध और संस्थानों का बहिष्कार।
- चलाया सत्याग्रह और सविनय अवज्ञा (1930) – नमक सत्याग्रह।
- भारत छोड़ो आंदोलन (1942) – पूर्ण स्वतंत्रता की मांग।
- गांधी के सिद्धांतों में अहिंसा, सत्याग्रह, और स्वराज।
4. क्रांतिकारी और वामपंथी आंदोलन (Revolutionary & Left Movements)
- भगत सिंह, सुखदेव, राजगुरु जैसे क्रांतिकारियों ने ब्रिटिशों के खिलाफ हथियारबंद संघर्ष किया।
- गदर पार्टी, हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन के प्रयास।
- कम्युनिस्ट पार्टी का गठन और मजदूरों का आंदोलन।
- लाहौर केस, जेलों में क्रांतिकारियों का संघर्ष।
महत्वपूर्ण तथ्य सारणी (Timeline)
| वर्ष | घटना/आंदोलन | प्रमुख नेता |
|---|---|---|
| 1885 | भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना | दादाभाई नौरोजी, अल्बर्ट ओक |
| 1905 | बंगाल विभाजन और स्वदेशी आंदोलन | बाल गंगाधर तिलक, बिपिन चंद्र पाल |
| 1915 | गांधी का आगमन | महात्मा गांधी |
| 1920 | असहयोग आंदोलन | गांधी |
| 1930 | सत्याग्रह आंदोलन (नमक सत्याग्रह) | गांधी |
| 1942 | भारत छोड़ो आंदोलन | गांधी, नेहरू |
| 1928 | क्रांतिकारी आंदोलन | भगत सिंह, राजगुरु |
25+ परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर (Questions & Answers)
- भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की स्थापना कब हुई?
— 1885 में। - दादाभाई नौरोजी किस सिद्धांत के लिए प्रसिद्ध थे?
— 'ड्रेन थ्योरी’। - स्वदेशी आंदोलन किस बात के विरोध में हुआ?
— बंगाल के विभाजन का विरोध। - गांधी भारत में कब आए?
— 1915 में। - असहयोग आंदोलन कब शुरू हुआ?
— 1920 में। - सत्याग्रह आंदोलन का सबसे प्रसिद्ध भाग क्या था?
— नमक सत्याग्रह (साल 1930)। - भारत छोड़ो आंदोलन कब प्रारंभ हुआ?
— 1942 में। - भगत सिंह किस संगठन से जुड़े थे?
— हिन्दुस्तान सोशलिस्ट रिपब्लिकन एसोसिएशन। - स्वदेशी आंदोलन का उद्देश्य क्या था?
— विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा। - तात्या टोपे किस विद्रोह के सेनापति थे?
— 1857 के स्वतंत्रता संग्राम। - गांधी की अहम रणनीति क्या थी?
— अहिंसा और सत्याग्रह। - नेहरूजी का राष्ट्रीय आंदोलन में क्या योगदान था?
— कांग्रेस के नेता, आधुनिक भारत के निर्माता। - क्रांतिकारियों की रणनीति क्या थी?
— हथियारबंद संघर्ष और ब्रिटिश सैन्य ठिकानों पर हमले। - गांधी के कौन-कौन से आंदोलन प्रसिद्ध हैं?
— असहयोग, सविनय अवज्ञा, भारत छोड़ो। - स्वदेशी आंदोलन के दौरान किसने युवाओं को संगठित किया?
— बाल गंगाधर तिलक। - रानी लक्ष्मीबाई किस विद्रोह की प्रमुख नेता थीं?
— 1857 का स्वतंत्रता संग्राम। - भारत छोड़ो आंदोलन का नारा क्या था?
— 'करो या मरो'। - गांधी के मार्गदर्शन में किसानों का पहला आंदोलन कौन सा था?
— चंपारण सत्याग्रह। - सत्याग्रह आंदोलन का मुख्य उद्देश्य क्या था?
— अंग्रेजी कानूनों और करों के विरुद्ध विरोध। - गांधीवादी आंदोलन में कौन-कौन से तत्व प्रमुख थे?
— सत्याग्रह, अहिंसा, असहयोग। - पहला विश्व युद्ध किस तरह भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन को प्रभावित किया?
— ब्रिटिश ने भारतीय सैनिकों को शामिल किया, जिसका बाद में स्वराज की माँग हुई। - गांधी के खून को देखकर कौन-से आंदोलन स्थगित हुए?
— असहयोग आंदोलन (चौरी चौरा कांड के कारण)। - रोजगार के लिए ब्रिटिश सरकार पर किसने दबाव डाला?
— भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस और अन्य संगठनों ने। - नेहरू और पटेल का राष्ट्रीय आंदोलन में क्या स्थान था?
— भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम के मुख्य नेता और बाद में भारत के प्रथम प्रधानमंत्री और उप प्रधानमंत्री। - भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन की सफलता के प्रमुख कारण?
— व्यापक जन भागीदारी, विभिन्न सामाजिक वर्गों का समर्थन, अहिंसा का प्रयोग।
निष्कर्ष
भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन विभिन्न चरणों में विकसित हुआ जिसने भारत को स्वतंत्रता के आरोह पर अग्रसर किया। इसके भीतर संघर्ष के कई स्वर और दृष्टिकोण थे, पर सभी ने मिलकर स्वराज का लक्ष्य साधा।