जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म

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Last Updated: 30/10/2025

जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म – Origin, Founder, Principles, Spread | Ancient India GK Notes

जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म (Jainism & Buddhism)

वैदिक काल के उत्तरार्ध में भारतीय समाज में धार्मिक तथा दार्शनिक पुनर्जागरण हुआ। इस अन्तर्द्वंद्व काल में दो नये धर्म—जैन धर्म एवं बौद्ध धर्म—का अभ्युदय हुआ, जिन्होंने भारतीय समाज, संस्कृति, कला, एवं विश्व विचारधारा को गहरा प्रभाव दिया।

1. जैन धर्म (Jainism)

उत्पत्ति एवं संस्थापक

  • जैन धर्म का प्राचीनतम संस्थापक ऋषभदेव (प्रथम तीर्थंकर) माने जाते हैं। प्रमुख प्रचारक महावीर स्वामी (24वें तीर्थंकर) थे।
  • महावीर स्वामी का जन्म 599 ई.पू. में वैशाली के कुंडग्राम में हुआ।
  • महावीर के पिता सिद्धार्थ एवं माता त्रिशला थीं।
  • महावीर ने 30 वर्ष की आयु में वैराग्य धारण किया, 12 वर्ष कठोर तपस्या की और 42 वर्षों तक धर्म प्रचार किया।
  • उनकी मृत्यु शतरुंजय (पावा), बिहार में 527 BCE के आसपास मानी जाती है।

सिद्धांत एवं शिक्षाएँ

  • त्रिरत्न (Three Jewels): सम्यक् दर्शन, सम्यक् ज्ञान, सम्यक् चरित्र।
  • पंचमहाव्रत:
    1. अहिंसा (Non-violence)
    2. सत्य (Truthfulness)
    3. अस्तेय (Non-stealing)
    4. ब्रह्मचर्य (Celibacy) – Mahavir ने जोड़ा
    5. अपरिग्रह (Non-possession)
  • आत्मा (सर्व जीवों में विद्यमान, पुनर्जन्म का सिद्धांत)
  • तीर्थंकर – धर्म प्रचारक कुल 24, अंतिम महावीर स्वामी
  • कर्म, मोक्ष, तपस्या का महत्व

संप्रदाय एवं ग्रंथ

  • श्वेतांबर (सफेद वस्त्रधारी, महिलाओं को मोक्ष की मान्यता)
  • दिगंबर (नग्न, अधिक कठोर तपस्या)
  • मुख्य ग्रंथ: आचारांग, सूत्रकृतांग, भगवती सूत्र (श्वेतांबर)

विस्तार एवं प्रभाव

  • मूलत: बिहार, पूर्वी भारत में उत्पत्ति, गुजरात, राजस्थान, कर्नाटक, महाराष्ट्र आदि में विस्तार।
  • अहिंसा, दान, सत्य का प्रचार। व्यापार, उद्योग तथा वास्तुकला में महत्त्वपूर्ण योगदान—दिलवाड़ा, सांची के जैन मंदिर
  • अशोक एवं चंद्रगुप्त मौर्य आदि ने इसे अपनाया।

2. बौद्ध धर्म (Buddhism)

उत्पत्ति एवं संस्थापक

  • संस्थापक गौतम बुद्ध का जन्म 563 ईसा पूर्व में लुम्बिनी (अब नेपाल) में हुआ।
  • पिता शुद्धोधन शाक्य गण के राजा एवं माता मायादेवी थीं।
  • महात्मा बुद्ध का बाल्य नाम सिद्धार्थ था।
  • 29 वर्ष में गृह त्याग, 6 वर्षों की कठोर तपस्या व साधना के बाद बोधगया (बिहार) में ज्ञान प्राप्त किया।
  • प्रथम उपदेश ‘धर्मचक्र प्रवर्तन’ सारनाथ में।
  • 80 वर्ष की आयु में कुशीनगर में निर्वाण (मृत्यु)।

मूल उपदेश एवं सिद्धांत

  • चार आर्य सत्य (Four Noble Truths):
    1. दुःख सत्य
    2. दुःख-समुदय
    3. दुःख-निरोध
    4. दुःख-निरोधगामिनी प्रतिपदा (अष्टांगिक मार्ग)
  • अष्टांगिक मार्ग:
    1. सम्यक् दृष्टि (Right View)
    2. सम्यक् संकल्प (Right Resolve)
    3. सम्यक् वाणी (Right Speech)
    4. सम्यक् कर्मांत (Right Action)
    5. सम्यक् आजीव (Right Livelihood)
    6. सम्यक् प्रयास (Right Effort)
    7. सम्यक् स्मृति (Right Mindfulness)
    8. सम्यक् समाधि (Right Concentration)
  • अहिंसा, करुणा, मध्यम मार्ग (संतुलित जीवन), पुनर्जन्म और मोक्ष का सिद्धांत

संप्रदाय एवं ग्रंथ

  • हीनयान (पुरातन, आत्मकल्याण, संस्कृत/पाली ग्रंथ मुख्य)
  • महायान (बोधिसत्व मार्ग, सामूहिक मोक्ष, बुद्ध की पूजा)
  • वज्रयान (तंत्र मन्त्र, तिब्बती क्षेत्र)
  • मुख्य ग्रंथ: त्रिपिटक — विनयपिटक, सूत्रपिटक, अभिधम्मपिटक

विस्तार एवं प्रभाव

  • बौद्ध धर्म का भारत के अलावा श्रीलंका, नेपाल, तिब्बत, चीन, जापान, थाईलैंड, बर्मा, वियतनाम आदि देशों में प्रचार।
  • अशोक ने इसकी अंतरराष्ट्रीय प्रचारनीति अपनाई; शांति, अहिंसा, सामाजिक समता के विचार।
  • स्थूप, विहार, चित्रकला, मूर्तिकला और वास्तुकला पर गहरा प्रभाव।

जैन और बौद्ध धर्म — प्रमुख अंतर

जैन धर्म बौद्ध धर्म
संस्थापक: महावीर स्वामी (24वें तीर्थंकर) संस्थापक: गौतम बुद्ध
त्रिरत्न, पंचमहाव्रत चार आर्य सत्य, अष्टांगिक मार्ग
आत्मा व कर्म का सिद्धांत आत्मा का उल्लेख नहीं, अनात्मवाद
मोक्ष हेतु तप और कर्म मोक्ष हेतु ज्ञान, करुणा, ध्यान
तीर्थंकर की पूजा बुद्ध की पूजा, बोधिसत्व की मान्यता
श्वेतांबर-दिगंबर संप्रदाय हीनयान-महायान-वज्रयान संप्रदाय
अहिंसा अत्यन्त कठोर अहिंसा, करुणा, मध्यम मार्ग

महत्वपूर्ण तथ्य सारांश

महावीर का जन्म599 BCE, वैशाली, कुंडग्राम
बुद्ध का जन्म563 BCE, लुम्बिनी (नेपाल)
जैन तीर्थंकर (कुल)24
बुद्ध का प्रथम उपदेशसारनाथ – धर्मचक्र प्रवर्तन
मुख्य तीर्थ स्थल – जैनपावापुरी, शतरुंजय, गिरनार, श्री रणकपुर
मुख्य स्थल – बौद्धलुम्बिनी, बोधगया, सारनाथ, कुशीनगर

25+ परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर (Questions & Answers)

  1. जैन धर्म के संस्थापक कौन माने जाते हैं?
    — ऋषभदेव (प्रथम तीर्थंकर), महावीर स्वामी (प्रमुख प्रचारक)
  2. महावीर स्वामी का जन्म एवं निर्वाण स्थान?
    — जन्म: कुंडग्राम, निर्वाण: पावापुरी
  3. महावीर के माता-पिता का नाम?
    — त्रिशला एवं सिद्धार्थ
  4. बुद्ध का बाल्य नाम क्या था?
    — सिद्धार्थ
  5. बुद्ध ने ज्ञान कहाँ प्राप्त किया?
    — बोधगया (बिहार)
  6. बुद्ध का जन्म किस गणराज्य में हुआ?
    — शाक्य गणराज्य
  7. तीर्थंकरों की कुल संख्या?
    — 24
  8. जैन धर्म के दो प्रमुख संप्रदाय?
    — श्वेतांबर और दिगंबर
  9. बौद्ध धर्म के दो मुख्य संप्रदाय?
    — हीनयान और महायान
  10. बौद्ध धर्म का तीसरा संप्रदाय?
    — वज्रयान
  11. बुद्ध का प्रथम उपदेश कहाँ दिया?
    — सारनाथ
  12. महावीर का निर्वाण कहाँ हुआ?
    — पावापुरी (बिहार)
  13. अष्टांगिक मार्ग क्या है?
    — जीवन का आठ-सूत्रीय संतुलित मार्ग
  14. जैन धर्म की मुख्य शिक्षाएँ?
    — अहिंसा, सत्य, अस्तेय, अपरिग्रह, ब्रह्मचर्य
  15. महावीर ने किस प्रमुख व्रत को जोड़ा?
    — ब्रह्मचर्य
  16. बुद्ध ने किस भाषा में उपदेश दिए?
    — पाली भाषा
  17. जैन ग्रंथों की भाषा क्या है?
    — प्राकृत (अर्धमागधी)
  18. बौद्ध धर्म के मुख्य ग्रंथ?
    — त्रिपिटक (विनय, सूत्र, अभिधम्म पिटक)
  19. तीर्थंकर का अर्थ?
    — धर्म के मार्गदर्शक
  20. बौद्ध धर्म के अनुसार दुःख के अंत का मार्ग क्या है?
    — अष्टांगिक मार्ग
  21. महाश्वेतांबर संघ की स्थापना कब हुई थी?
    — 4th century CE
  22. बुद्ध का मोक्ष अथवा परिनिर्वाण कहाँ हुआ?
    — कुशीनगर
  23. जैन धर्म में किस धातु का सबसे अधिक प्रयोग होता है?
    — धातु की मूर्तियाँ (अधिकतर पत्थर, कांसा)
  24. जैन धर्म के अनुसार मोक्ष किससे प्राप्त होता है?
    — तप, सही आचार्य, संयम
  25. ‘त्रिरत्न’ किस धर्म में है?
    — जैन धर्म
  26. ‘चार आर्य सत्य’ किस धर्म का मूल है?
    — बौद्ध धर्म

निष्कर्ष

जैन धर्म और बौद्ध धर्म ने भारत की सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक चेतना में क्रांतिकारी परिवर्तन लाया। ये दोनों धर्म आज भी अहिंसा, समानता एवं करुणा के विश्व संदेश के रूप में प्रतिष्ठित हैं।

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