भारत के भू-आकृतिक विभाजन (Physiographic Divisions of India)
भारत का भू-आकृतिक स्वरूप अत्यंत विविध और जटिल है, जो विभिन्न भौतिक विशेषताओं के आधार पर कई भौगोलिक प्रदेशों में विभाजित किया जाता है। इन्हीं में सबसे महत्वपूर्ण छह भू-आकृतिक खंड हैं: हिमालय, उत्तरी मैदान, प्रायद्वीपीय पठार, मरुस्थल, तटीय मैदान, और द्वीप समूह।
1. हिमालय पर्वत प्रदेश (Himalayan Mountain Region)
- भारत के उत्तर में लगभग 2,500 किलोमीटर लम्बी पर्वतमाला।
- तीन मुख्य श्रेणियाँ: उत्तर-पश्चिमी हिमालय (जम्मू-कश्मीर), मुख्य हिमालय (उत्तर-भारत), पूर्वी हिमालय (असम-अरुणाचल प्रदेश)।
- हिमालय की औसत ऊंचाई 6,000-7,000 मीटर तक, जिसमें माउंट एवरेस्ट भी शामिल।
- सियाचिन ग्लेशियर, नंदा देवी, कान्यकुमारी सहित कई प्रमुख चोटियां।
- जलवायु: ठंडा, भारी बारिश और घने वन।
- महत्त्व: प्राकृतिक सीमा, जल स्रोत और जैव विविधता का केंद्र।
2. उत्तरी मैदान (Northern Plains)
- गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र सहित अनेक नदियों द्वारा निर्मित उपजाऊ मैदान।
- क्षेत्र लगभग 2,50,000 वर्ग किमी तक फैला।
- मालवा, अवधी और ब्रज जैसे उप-प्रदेश।
- ज्यादा जल उपलब्धता, कृषि और मानव बसावट के लिए अनुकूल।
- जलवायु: समशीतोष्ण से उष्णकटिबंधीय।
3. प्रायद्वीपीय पठार (Peninsular Plateau)
- भारत के मध्य और दक्षिणी भाग में विस्तृत पठारी क्षेत्र।
- आग्नेय और कायांतरित चट्टानों से बना, जिसमें डेक्कन पठार प्रमुख।
- मालवा, छत्तीसगढ़, गुजरात पठार इसके अंतर्गत आते हैं।
- खनिज संसाधनों से समृद्ध।
- जलवायु: उष्णकटिबंधीय शुष्क और आर्द्र।
4. मरुस्थल (Desert Region)
- थार मरुस्थल, राजस्थान के पश्चिमी हिस्से में फैला हुआ।
- क्षेत्रफल लगभग 2,30,000 वर्ग किमी।
- सूखी जलवायु, अति ताप, न्यून वर्षा।
- रेगिस्तानी वनस्पति और पशुपालन।
- मरुस्थल की सीमाएँ: अरावली पर्वतमाला, पाकिस्तान सीमा।
5. तटीय मैदान (Coastal Plains)
- देश के पूर्वी और पश्चिमी समुद्र तटों के किनारे विस्तृत मैदान।
- पूर्वी तटीय मैदान: बंगाल की खाड़ी से दक्षिण तक, उड़ीसा, आंध्रप्रदेश, तमिलनाडु।
- पश्चिमी तटीय मैदान: अरब सागर के तट से घिरा, कच्छ से कन्याकुमारी तक।
- नदी होंदी, इसके अलावा बेक्झोड़ा पट्टियाँ।
- पर्यटन, कृषि और बंदरगाहों के लिए महत्त्वपूर्ण।
6. द्वीप समूह (Island Groups)
- अंडमान-निकोबार द्वीप समूह — बंगाल की खाड़ी में स्थित, जैव विविधता केंद्र।
- लक्षद्वीप द्वीप समूह — अरब सागर में, छोटे-छोटे द्वीपों का समूह।
- द्वीपों का रणनीतिक और पर्यावरणीय महत्व, पर्यटन केंद्र।
महत्वपूर्ण तथ्य सारणी
| प्रदेश | क्षेत्रफल (वर्ग किमी) | प्रमुख विशेषताएं |
|---|---|---|
| हिमालय | लगभग 5 लाख | विश्व की सबसे ऊंची पर्वतमाला, ग्लेशियर, नदियां |
| उत्तरी मैदान | 2,50,000 | उपजाऊ, नदियों से सम्पन्न |
| प्रायद्वीपीय पठार | लगभग 16 लाख | पुराने चट्टान, खनिज भंडार |
| मरुस्थल (थार) | 2,30,000 | शुष्क, रेगिस्तानी जलवायु |
| तटीय मैदान | लगभग 1,50,000 | समुद्री तट, पर्यटन स्थल |
| द्वीप समूह | छोटा क्षेत्र | सामुद्रिक जैव विविधता केंद्र |
25+ परीक्षा उपयोगी प्रश्नोत्तर (Questions & Answers)
- हिमालय पर्वत की लंबाई कितनी है?
— लगभग 2,500 किमी। - भारत के उत्तरी मैदान किन नदियों से बनते हैं?
— गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र आदि। - प्रायद्वीपीय पठार का सबसे बड़ा भाग कौन सा है?
— डेक्कन पठार। - भारत का सबसे बड़ा मरुस्थल कौन सा है?
— थार मरुस्थल। - पश्चिमी तटीय मैदान किस समुद्र के किनारे है?
— अरब सागर। - अंडमान-निकोबार द्वीप समूह कहाँ स्थित हैं?
— बंगाल की खाड़ी में। - हिमालय पर्वत किस काल में बना?
— टर्शियरी काल। - भारत में पठारों का % कितना भाग है?
— लगभग 28%। - उत्तर भारत का मैदान किस प्रकार के मैदान है?
— जलोढ़ मैदान। - भारत में तटीय मैदानों की लंबाई कितनी है?
— लगभग 7,516 किमी। - प्रायद्वीपीय पठार के प्रमुख क्षेत्र कौन से हैं?
— मालवा, छत्तीसगढ़, गुजरात पठार। - थार मरुस्थल के समीप कौन सी पर्वतमाला है?
— अरावली। - हिमालय के किस भाग में माउंट एवरेस्ट स्थित है?
— पूर्वी हिमालय। - भारत में प्रमुख पर्वतीय श्रेणियाँ कौन सी हैं?
— हिमालय, काराकोरम, कुशल। - भारत के द्वीप समूहों के बारे में बताइए?
— अंडमान-निकोबार और लक्षद्वीप। - भारत में सबसे ज्यादा किस प्रकार की मिट्टी पाई जाती है?
— लाल मिट्टी और alluvial मिट्टी। - भारत के उत्तरी मैदान की विशेषताओं में क्या शामिल है?
— उपजाऊ मिट्टी, घनी आबादी, कृषि प्रधान क्षेत्र। - हिमालय पर्वत किस महाद्वीपीय टकराव का परिणाम हैं?
— भारतीय और यूरेशियन प्लेट के टकराव का। - भारत की भौगोलिक स्थिति को कौन सा जलवायु प्रकार प्रभावित करता है?
— मॉनसून। - प्रायद्वीपीय पठार कहाँ-कहाँ विस्तृत है?
— मध्य और दक्षिण भारत के अधिकांश भाग में।
निष्कर्ष
भारत के विविध भू-आकृतिक प्रदेश इसकी प्राकृतिक धरोहर हैं, जो जलवायु, जीवनशैली, कृषि, वनस्पति और आर्थिक गतिविधियों को प्रभावित करते हैं। इनकी समझ भूगोल का मूलाधार है।