भारत की सामुद्रिक सीमाएँ एवं ब्लू इकॉनॉमी

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Last Updated: 31/10/2025

भारत की सामुद्रिक सीमाएँ एवं ब्लू इकॉनॉमी (Maritime Boundaries & Blue Economy of India) - Indian Geography Notes

भारत की सामुद्रिक सीमाएँ एवं ब्लू इकॉनॉमी (Maritime Boundaries & Blue Economy of India)

भारत का समुद्री भूगोल न केवल सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि आर्थिक, पर्यावरणीय और सांस्कृतिक रूप से भी अत्यंत प्रभावशाली है। भारत की समुद्री सीमा लगभग 7,516 किलोमीटर लंबी है, जिसमें मुख्य भूमि के 6,100 किमी और द्वीपीय क्षेत्रों (अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप) के लगभग 1,300 किमी तट शामिल हैं। यह सीमा तीन प्रमुख जल निकायों — अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर — से मिलती है।

1. भारत की समुद्री सीमाओं का निर्धारण (Maritime Boundaries of India)

भारत की समुद्री सीमाएँ संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून (UNCLOS), 1982 के तहत निर्धारित हैं। इस कानून के अनुसार भारत का अधिकार तीन प्रमुख जल क्षेत्रों में विभाजित है:

  • क्षेत्रीय जल (Territorial Waters): तट से 12 समुद्री मील (22.2 किमी) तक का क्षेत्र जहाँ भारत का पूर्ण संप्रभु अधिकार है।
  • सन्निकट क्षेत्र (Contiguous Zone): 12 से 24 समुद्री मील तक का क्षेत्र, जिसमें भारत सुरक्षा, आव्रजन, कर और पर्यावरण संबंधी कानूनों को लागू कर सकता है।
  • विशेष आर्थिक क्षेत्र (Exclusive Economic Zone - EEZ): तट से 200 समुद्री मील तक का क्षेत्र जिसमें भारत को समुद्री खनिज, तेल, गैस और मत्स्य संसाधनों के दोहन का विशेष अधिकार प्राप्त है।

2. भारत के तटीय राज्य और द्वीप समूह

भारत में कुल 9 तटीय राज्य और 2 द्वीपीय समूह हैं:

  • पश्चिमी तट: गुजरात, महाराष्ट्र, गोवा, कर्नाटक, केरल
  • पूर्वी तट: तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, पश्चिम बंगाल
  • द्वीप समूह: अंडमान-निकोबार (बंगाल की खाड़ी) और लक्षद्वीप (अरब सागर)

3. ब्लू इकॉनॉमी (Blue Economy) का अर्थ

ब्लू इकॉनॉमी का तात्पर्य समुद्र और महासागरों से प्राप्त आर्थिक गतिविधियों से है जो सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर आधारित होती हैं। यह अवधारणा भारत की SAGAR नीति (Security and Growth for All in the Region) का मूल हिस्सा है।

ब्लू इकॉनॉमी के प्रमुख घटक

  • मत्स्य पालन और समुद्री कृषि
  • समुद्री परिवहन और बंदरगाह विकास
  • तटीय पर्यटन और जल क्रीड़ा
  • ऑफशोर ऊर्जा (विंड और वेव एनर्जी)
  • समुद्री जैव विविधता और अनुसंधान

4. भारत की ब्लू इकॉनॉमी का महत्व

भारत की ब्लू इकॉनॉमी देश के GDP का लगभग 4% योगदान करती है और इसमें लाखों लोगों को रोजगार प्राप्त होता है। हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की सामरिक स्थिति उसे वैश्विक समुद्री व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा में अग्रणी बनाती है।

  • भारत का लगभग 95% विदेशी व्यापार समुद्री मार्गों से होता है।
  • देश के प्रमुख बंदरगाह – मुंबई, कोलकाता, चेन्नई, विशाखापट्टनम, कोचीन – वैश्विक व्यापार केंद्र हैं।
  • भारत इंडियन ओशन रिम एसोसिएशन (IORA) और ब्लू इकॉनॉमी सहयोग मंच का सदस्य है।

5. समुद्री सुरक्षा और रणनीति

भारत की समुद्री नीति SAGAR Vision पर आधारित है, जिसे 2015 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रस्तुत किया था। इसका उद्देश्य “क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास” (Security and Growth for All in the Region) है।

  • समुद्री सीमा की सुरक्षा के लिए भारतीय नौसेना, कोस्ट गार्ड और नौसैनिक बेस सक्रिय हैं।
  • भारत ने Malabar Exercise और QUAD साझेदारी के माध्यम से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी स्थिति मजबूत की है।
  • सागरमाला परियोजना के तहत तटीय विकास, बंदरगाह आधुनिकीकरण और लॉजिस्टिक्स सुधार किए जा रहे हैं।

6. महत्वपूर्ण तथ्य सारणी

कुल समुद्री तट लंबाई7,516 किमी
मुख्य समुद्री क्षेत्रअरब सागर, बंगाल की खाड़ी, हिंद महासागर
विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ)200 समुद्री मील (लगभग 37 लाख वर्ग किमी)
मुख्य बंदरगाहमुंबई, कोलकाता, चेन्नई, कोचीन, विशाखापट्टनम
प्रमुख नीतिSAGAR Vision (2015)

20+ महत्वपूर्ण प्रश्न एवं उत्तर (Questions & Answers)

  1. भारत की समुद्री सीमा कितनी लंबी है?
    लगभग 7,516 किलोमीटर।
  2. भारत के पास कितने तटीय राज्य हैं?
    कुल 9 तटीय राज्य।
  3. विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) की सीमा कितनी होती है?
    तट से 200 समुद्री मील तक।
  4. ब्लू इकॉनॉमी का क्या अर्थ है?
    समुद्री संसाधनों से सतत आर्थिक विकास।
  5. SAGAR नीति किस वर्ष प्रारंभ हुई?
    वर्ष 2015 में।
  6. भारत का सबसे बड़ा बंदरगाह कौन सा है?
    मुंबई बंदरगाह।
  7. ब्लू इकॉनॉमी का GDP में योगदान कितना है?
    लगभग 4%।
  8. भारत किन अंतर्राष्ट्रीय संगठनों का सदस्य है?
    IORA, BIMSTEC, QUAD।
  9. “सागरमाला परियोजना” का उद्देश्य क्या है?
    बंदरगाह विकास और तटीय कनेक्टिविटी सुधार।
  10. भारत का कौन सा द्वीप सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है?
    अंडमान-निकोबार द्वीप।
  11. भारत की पश्चिमी तटरेखा किस सागर से जुड़ी है?
    अरब सागर।
  12. भारत की पूर्वी तटरेखा किस खाड़ी से जुड़ी है?
    बंगाल की खाड़ी।
  13. UNCLOS क्या है?
    संयुक्त राष्ट्र समुद्री कानून सम्मेलन (1982)।
  14. भारत की ब्लू इकॉनॉमी की अवधारणा किस नीति से जुड़ी है?
    SAGAR Vision।
  15. भारत में सबसे बड़ा मत्स्य बंदरगाह कौन सा है?
    विशाखापट्टनम।
  16. हिंद महासागर में भारत की स्थिति कैसी है?
    मध्य और रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण।
  17. भारत की नौसेना का प्रमुख बेस कौन सा है?
    कोच्चि और विशाखापट्टनम।
  18. भारत की समुद्री अर्थव्यवस्था किन क्षेत्रों पर निर्भर है?
    मत्स्य पालन, परिवहन, पर्यटन, ऊर्जा।
  19. भारत का सबसे छोटा द्वीप समूह कौन सा है?
    लक्षद्वीप।
  20. भारत के EEZ क्षेत्र का आकार कितना है?
    लगभग 37 लाख वर्ग किलोमीटर।

निष्कर्ष

भारत की सामुद्रिक सीमाएँ और ब्लू इकॉनॉमी देश की आर्थिक शक्ति, सामरिक सुरक्षा और वैश्विक प्रभाव के मूल स्तंभ हैं। सतत विकास और समुद्री संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग से भारत “हिंद महासागर क्षेत्र” में एक सशक्त और जिम्मेदार राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है।

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