महिला एवं बाल विकास — प्रमुख अपडेट (India, 2024–25)
Quick summary — मुख्य बिंदु
- सरकार ने महिला‑सशक्तिकरण और बाल‑सुरक्षा के लिये विभिन्न कार्यक्रमों में फोकस बढ़ाया—POSHAN Abhiyaan, Beti Bachao Beti Padhao, और महिला उद्यमिता इनिशिएटिव्स प्रमुख रहे।
- बाल‑सुरक्षा के लिये POCSO मामलों की त्वरित निपटान, बाल संरक्षण प्रणाली (ICPS) और बाल श्रम उन्मूलन के उपायों पर कदम उठाये गये।
- महिला सुरक्षा से जुड़े कानून‑व्यवस्था सुधार, helplines और One‑Stop Centres जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ।
- स्वास्थ्य‑प्रसार में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण तथा बाल टीकाकरण कवरेज में सुधार की पहल जारी रहीं।
विस्तृत नोट्स — नीतियाँ और कार्यक्रम
1. प्रमुख सरकारी योजनाएँ
- POSHAN Abhiyaan — पोषण स्थिति सुधारने के लिये मल्टी‑सेक्टरल रणनीति; 2024–25 में targetted interventions, growth monitoring और कम उम्र के बालकों के लिये intensified services लागू की गयीं।
- Beti Bachao Beti Padhao (BBBP) — लड़की शिक्षा, सुरक्षा और सामाजिक दृष्टिकोण बदलने के लिये awareness campaigns और education incentives पर पुनः ध्यान।
- One‑Stop Centres (OSCs) — हिंसा पीड़ित महिलाओं के लिये समन्वित सेवाएँ (कानूनी, मनो‑सामाजिक, स्वास्थ्य) उपलब्ध कराना; centers का विस्तार हुआ।
- Integrated Child Protection Scheme (ICPS) — बाल संरक्षण, बच्चों की सुरक्षा और foster care/adoption प्रक्रियाओं के सुधार हेतु अनुदान और प्रशिक्षण बढ़ाया गया।
2. कानूनी और नीतिगत सुधार
POCSO Act, Protection of Women from Domestic Violence Act और Juvenile Justice Act के कार्यान्वयन शक्ति‑वर्धन के लिये न्यायालयीन प्रक्रियाओं और fast‑track उपयुक्त व्यवस्थाओं पर काम किया गया। Child labour के खिलाफ संशोधित नियमों का अनुपालन सख्त किया गया।
3. स्वास्थ्य और पोषण
Maternal health और infant mortality घटाने के लिये ASHA‑led outreach, facility deliveries की संख्या बढ़ाना और Janani Suraksha योजनाओं का coverage बढ़ाया गया। Nutritious food programmes, micronutrient supplementation और severe acute malnutrition के लिए CMAM‑type interventions पर बल दिया गया।
4. शिक्षा एवं कौशल (लड़कियाँ और बाल विकास)
Girls' education के लिये scholarships, hostel facilities और safety audits स्कूल स्तर पर लागू करने हेतु निर्देश दिये गये। Adolescent girls के लिये life‑skills training और vocational skilling कार्यक्रमों का क्रियान्वयन तेज हुआ।
5. महिला‑सशक्तिकरण और आर्थिक भागीदारी
Stree Shakti, self‑help groups और women entrepreneurship कार्यक्रमों के माध्यम से स्वरोजगार और financial inclusion को बढ़ाया गया। मुद्रा जैसे micro‑credit schemes में महिलाओं की भागीदारी प्रोत्साहित हुई।
6. डिजिटल टूल्स और सशक्तिकरण
Digital platforms के जरिए helplines, skill‑portals और e‑awareness campaigns चलाये गए। Women safety apps और grievance redress portals का उपयोग बढ़ा।
7. चुनौतियाँ और क्षेत्रों की आवश्यकता
- प्रदेशों के बीच समतामूलक प्रगति की कमी—किसी राज्यों में indicators बेहतर, कुछ में पीछे।
- Child protection system में workforce shortage और case management की गुणवत्ता में अंतर।
- सामाजिक मान्यताओं और gender‑bias को बदलने की धीमी प्रक्रिया।
- महिला‑सुरक्षा के लिये समन्वित पुलिस‑न्याय‑समाजिक सेवाओं का अभाव कुछ क्षेत्रों में।
2024–25 / 2025 के प्रमुख अपडेट
- POSHAN Abhiyaan की नई रणनीतियाँ—growth monitoring और community nutrition centres पर फोकस।
- बेटी बचाओ‑बेटी पढ़ाओ के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में safety audits और scholarship पैकेज में सुधार।
- POCSO मामलों की त्वरित सुनवाई हेतु juvenile‑justice और child protection नेटवर्क को मजबूती दी गयी।
- महिला उद्यमिता पर केंद्रित स्कीमों में अनुदान‑वित्त के नए मॉडल लागू किये गए।
- School health programmes और adolescent counselling networks का विस्तार हुआ।