रक्षा प्रौद्योगिकी

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Last Updated: 2/12/2025

रक्षा प्रौद्योगिकी (भारत) — 2024–25 / 2025 अपडेट | PathshalaNotesHub

रक्षा प्रौद्योगिकी — भारत (2024–25 / 2025)

स्तर: UPSC / State‑PCS • अपडेट: 26 नवम्बर 2025 • लेखक: PathshalaNotesHub

Quick summary — मुख्य बिंदु

  • Defence Procurement Manual (DPM) 2025 ने खरीद प्रक्रियाओं को सरल कर निजी और छोटे निर्माताओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया।
  • DRDO ने हाइपरसोनिक और scramjet प्रौद्योगिकी में परीक्षण किए — HSTDV जैसे कार्यक्रम निर्णायक हैं।
  • BrahMos परिवार, BrahMos‑II (हाइपरसोनिक विकास) तथा LRAShM जैसी परियोजनाएँ गतिशील रक्षा‑तकनीक पर काम कर रही हैं।
  • सरकार ने rare‑earth permanent magnets के घरेलू निर्माण हेतु योजना को मंजूरी दी — यह रक्षा‑सप्लाई‑शृंखला के लिये रणनीतिक है।
  • रक्षा निर्यात और घरेलू विनिर्माण को प्रोत्साहन मिलने से निवेश और रोजगार के अवसर बढ़े हैं।

विस्तृत नोट्स

1. नीतिगत परिवेश और DPM 2025

DPM 2025 का उद्देश्य खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी, त्वरित और निजी‑उद्योग‑हितैषी बनाना है। इसका लक्ष्य MSMEs तथा रक्षा‑स्टार्ट‑अप्स को तेज़ी से अवसर देना और indigenisation को बढ़ाना है।

2. DRDO — प्रमुख तकनीकें और परियोजनाएँ

DRDO हाइपरसोनिक, एयर‑डोमेन एरोनॉटिक्स, इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर, काइबर‑रिजिलिएंस और मिसाइल‑प्रणालियों में सक्रिय है। HSTDV के scramjet परीक्षण हाइपरसोनिक‑क्षमता की दिशा में महत्वपूर्ण माने जाते हैं।

3. मिसाइल‑प्रोग्राम्स और नई परियोजनाएँ

  • BrahMos परिवार — भारत‑रूस संयुक्त परियोजना; supersonic cruise missile के रूप में प्रमुख सफलता।
  • BrahMos‑II — हाइपरसोनिक वैरिएंट पर विकास‑कामी; प्रायोगिक/विकासात्मक चरण में।
  • LRAShM — लंबी‑श्रेणी anti‑ship/maritime strike क्षमता हेतु योजनाएँ।
  • नए NLOS, precision‑guided munitions और anti‑drone प्रणालियों पर भी कार्य जारी है।

4. एयर और समुद्री तकनीक

वायुसेना और नौसेना के लिये advanced fighters, maritime patrol aircraft, आधुनिक पनडुब्बी तथा ASW क्षमताओं पर निवेश बढ़ा है। लोक‑निजी भागीदारी और अपग्रेड अनुबंधों से क्षमताएँ मजबूत हो रही हैं।

5. रक्षा‑उद्योग और विनिर्माण पहलें

सरकार ने रक्षा‑निर्माण को बढ़ावा देने हेतु incentives, single‑window approvals और export‑promotion उपाय जारी किये हैं। InvestIndia जैसी प्लेटफार्मों पर रक्षा‑निर्यात को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

6. आपूर्ति‑श्रृंखला और सामग्रियाँ

आधुनिक रक्षा प्रणालियों के लिये rare‑earth permanent magnets, विशेष मिश्रधातुएँ और उन्नत सेमीकंडक्टर्स आवश्यक हैं। REPM‑निर्माण योजना से घरेलू आपूर्ति‑क्षमता बढ़ेगी और निर्भरता घटेगी।

7. कूटनीतिक और रणनीतिक आयाम

आत्मनिर्भर रक्षा से रणनीतिक स्वतन्त्रता बढ़ती है, पर तकनीकी सहयोग व co‑development के माध्यम से तीव्र प्रौद्योगिकी पहुंच भी आवश्यक है। भारत ने कई देशों के साथ रक्षा सहयोग समझौते किए हैं।

8. चुनौतियाँ (Exam‑ready बिंदु)

  • हाइपरसोनिक हथियारों से arms‑race और strategic instability का जोखिम।
  • स्ट्रैटेजिक सप्लाई‑चेन में आत्मनिर्भरता स्थापित करना (rare materials, semiconductors)।
  • R&D‑intensive contracts और private sector के लिए प्रमाणन‑प्रक्रियाएँ चुनौतीपूर्ण हो सकती हैं।
  • Export controls और वैश्विक लाइसेंसिंग प्रतिबंधों का प्रबंधन आवश्यक है।

2024–25 / 2025 के महत्वपूर्ण अपडेट (संक्षेप)

  1. DPM 2025 — खरीद प्रक्रियाओं का सरलीकरण और indigenisation को प्रोत्साहन।
  2. DRDO हाइपरसोनिक परीक्षण — HSTDV एवं संबंधित प्रदर्शन।
  3. REPM योजना — rare‑earth permanent magnets के लिये घरेलू निर्माण को मंजूरी (Nov 26, 2025)।
  4. रक्षा निर्यात और निवेश — निर्यात वृद्धि और निवेश‑प्रोत्साहन गतिविधियाँ।

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55 MCQs (उत्तर सहित) — UPSC / State‑PCS स्तर

Q1. DRDO का पूरा नाम क्या है? उत्तर: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO)
Q2. HSTDV का उद्देश्य क्या है? उत्तर: हाइपरसोनिक एयर‑ब्रीथिंग (scramjet) प्रौद्योगिकी का प्रदर्शन
Q3. DPM 2025 का पूरा नाम क्या है? उत्तर: Defence Procurement Manual 2025
Q4. BrahMos किस प्रकार का शस्त्र है? उत्तर: सुपरसोनिक क्रूज़ मिसाइल
Q5. LRAShM किस श्रेणी से संबंधित है? उत्तर: लंबी‑श्रेणी समुद्री‑हथियार / maritime strike क्षमता
Q6. REPM योजना किसको सशक्त करेगी? उत्तर: rare‑earth permanent magnets का घरेलू उत्पादन (रक्षा व नागरिक उपयोग)
Q7. हाइपरसोनिक गति सामान्यतः किस Mach के ऊपर मानी जाती है? उत्तर: आमतौर पर Mach‑5 और उससे अधिक
Q8. Scramjet में ईंधन‑दहन का मुख्य अंतर क्या है? उत्तर: यह ऊँची गति पर वायु‑सहायित सुपरसोनिक दहन का उपयोग करता है, पर पारंपरिक कंप्रेसर नहीं होते
Q9. रक्षा में Atmanirbhar Bharat का अर्थ क्या है? उत्तर: आयात पर निर्भरता घटाकर देशी उत्पादन व क्षमताओं को बढ़ाना
Q10. रक्षा निर्यात बढ़ाने से क्या लाभ होता है? उत्तर: विदेशी मुद्रा, रणनीतिक साझेदारी तथा अर्थतंत्र में पैमाने की अर्थव्यवस्थाएँ
Q11. DRDO का HSTDV परीक्षण कहाँ किया जाता है? उत्तर: परीक्षण स्थल (उदाहरण): Wheeler Island / Dr APJ Abdul Kalam Launch Complex
Q12. BrahMos का संयुक्त उद्यम किस देश के साथ है? उत्तर: रूस (India‑Russia JV)
Q13. DPM 2025 का एक प्रमुख लक्ष्य क्या है? उत्तर: खरीद प्रक्रियाओं का सरलीकरण और पारदर्शिता बढ़ाना
Q14. Hypersonic glide vehicles और scramjet‑आधारित cruise missiles में क्या अंतर है? उत्तर: HGV उच्च‑वातावरण में बूस्ट के बाद ग्लाइड करते हैं; scramjet‑आधारित मिसाइल वायु‑सहायित दहन से क्रूज़ करती है
Q15. रक्षा सप्लाई‑चेन में rare‑earth magnets का महत्व क्या है? उत्तर: उच्च‑प्रदर्शन मोटर्स, एक्ट्यूएटर्स और सेंसर्स के लिये आवश्यक
Q16. LRAShM किस सेना‑शाखा के लिये विशेष उपयोगी है? उत्तर: भारतीय नौसेना
Q17. India ने REPM निर्माण योजना कब स्वीकृत की? उत्तर: रिपोर्ट के अनुसार स्वीकृति तिथि: 26 नवम्बर 2025
Q18. DPM 2025 ने किस तरह की खरीदें सरल की हैं? उत्तर: indigenous design, make और indigenisation‑pathways के लिये प्रक्रियाएँ सरल की गयीं
Q19. हाइपरसोनिक तकनीक के नकारात्मक प्रभाव क्या हो सकते हैं? उत्तर: रणनीतिक अस्थिरता तथा arms‑race का जोखिम
Q20. मिसाइल 'seeker' किस कार्य के लिये होता है? उत्तर: लक्ष्य की पहचान और अंतिम मार्गदर्शन हेतु
Q21. BrahMos‑II का उद्देश्य क्या है? उत्तर: BrahMos परिवार का हाइपरसोनिक विकास
Q22. DRDO परीक्षणों के लिये किस प्रकार के आधारभूत‑संचर की आवश्यकता होती है? उत्तर: लॉन्च कॉम्प्लेक्स, ट्रैकिंग, टेलीमेट्री और उच्च‑गति instrumentation
Q23. रक्षा R&D में निजी क्षेत्र की भूमिका क्या हो सकती है? उत्तर: निर्माण, उप‑प्रणालियाँ, परीक्षण तथा सह‑विकास
Q24. सामरिक खनिजों पर आत्मनिर्भरता क्यों आवश्यक है? उत्तर: आपूर्ति‑सुरक्षा तथा आयात‑निर्भरता घटाने के लिये
Q25. रक्षा R&D के लिये प्रमुख संगठन कौन‑सा है? उत्तर: रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO)
Q26. रक्षा संदर्भ में 'indigenisation' का क्या अर्थ है? उत्तर: आयात को स्थानान्तरित कर घरेलू विनिर्माण को बढ़ाना
Q27. मिसाइल की 'रेंज' का क्या महत्व है? उत्तर: सामरिक पहुँच और लक्ष्य‑क्षेत्र निर्धारित करने हेतु
Q28. पनडुब्बी‑लॉन्च मिसाइल का क्या लाभ है? उत्तर: छुपकर द्वितीय‑प्रहार क्षमता और आश्चर्यजनक हमला
Q29. DRDO HSTDV परीक्षण का क्या संकेत मिलता है? उत्तर: scramjet‑प्रौद्योगिकी में तैयारी और हाइपरसोनिक क्षमता की प्रगति
Q30. Defence procurement में 'Make' श्रेणी का क्या तात्पर्य है? उत्तर: सरकारी‑निर्धारित निधि से देशी डिजाइन व विकास
Q31. इलेक्ट्रॉनिक्स व सेमीकंडक्टर्स की कमी रक्षा में कैसे समस्या बनती है? उत्तर: उन्नत सेंसर्स, राडार और मार्गदर्शन प्रणालियों का स्थानीय उत्पादन बाधित होता है
Q32. REPM योजना EVs तथा रक्षा दोनों में कैसे मदद करती है? उत्तर: स्थायी चुंबकों का उपयोग मोटर्स व एक्ट्यूएटर्स में होता है—दोनों क्षेत्रों हेतु उपयोगी
Q33. 'Scramjet' क्या है? उत्तर: सुपरसोनिक दहन‑रैमजेट—हाइपरसोनिक गति के लिये वायु‑सहायित इंजन
Q34. समुद्री‑हड़ताल क्षमताओं को प्राथमिकता क्यों दी जा रही है? उत्तर: समुद्री संचार‑मार्गों की सुरक्षा तथा नौसैनिक खतरों से निपटने हेतु
Q35. रक्षा निर्यात व नियंत्रण कौन‑सी संस्था देखती है? उत्तर: रक्षा मंत्रालय तथा संबंधित लाइसेंसिंग प्राधिकरण
Q36. हाइपरसोनिक हथियारों से जुड़ी रणनीतिक चिंताएँ क्या हैं? उत्तर: चेतावनी‑समय घटना और रोकथाम कठिन होना
Q37. रक्षा निर्माण क्लस्टर का क्या लाभ है? उत्तर: पैमाने की अर्थव्यवस्थाएँ और आपूर्तिकर्ता पारिस्थितिकी तन्त्र
Q38. भारत में सुपरसोनिक गति के लिये किस मिसाइल का नाम प्रसिद्ध है? उत्तर: BrahMos
Q39. DPM 2025 का MSMEs पर क्या प्रभाव पड़ता है? उत्तर: सरल खरीद से सहभागिता बढ़ेगी, पर पालन‑लागत चुनौती बनेगा
Q40. सामग्री विज्ञान रक्षा‑प्रौद्योगिकी में क्यों महत्वपूर्ण है? उत्तर: नए मिश्रधातु व कंपोजिट हल्के, मजबूत व ऊष्मा‑प्रतिकारक प्रणालियाँ संभव करते हैं
Q41. मिसाइल परीक्षणों के लिए एक लॉन्च कॉम्प्लेक्स का नाम बताइए। उत्तर: Wheeler Island (Dr APJ Abdul Kalam Launch Complex)
Q42. अंतरराष्ट्रीय साझेदारी रक्षा‑तकनीक में क्या भूमिका निभाती है? उत्तर: प्रौद्योगिकी हस्तांतरण, सह‑विकास और संयुक्त उत्पादन
Q43. LRAShM किसे निशाना बनाता है? उत्तर: दुश्मन के सतही युद्धक जहाजों को लंबी दूरी पर नष्ट करना
Q44. परीक्षण इन्फ्रास्ट्रक्चर का महत्त्व क्या है? उत्तर: परिचालन‑विश्वसनीयता और सुरक्षा सुनिश्चित करना
Q45. "Second‑strike capability" क्या है? उत्तर: पहले हमले के बाद प्रतिशोध करने की क्षमता (न्यूक्लियर प्रत्याख्यान संदर्भ)
Q46. सेमीकंडक्टर्स पर निर्भरता घटाने के लिये भारत क्या कर सकता है? उत्तर: घरेलू फैब्स, भरोसेमंद फाउंड्री और डिजाइन‑पारिस्थितिकी तन्त्र विकसित करना
Q47. मिसाइल seekers के लिये कौन‑सा तकनीकी क्षेत्र प्रमुख है? उत्तर: इलेक्ट्रो‑ऑप्टिकल/IR और सक्रिय राडार‑सीकर
Q48. परीक्षणों में 'telemetry' का क्या रोल है? उत्तर: वास्तविक‑समय डेटा संग्रह और प्रदर्शन विश्लेषण
Q49. A2/AD रणनीति क्या है? उत्तर: किसी क्षेत्र में विरोधी के कार्य‑स्वतंत्रता को हथियार व सेंसर्स से प्रतिबंधित करना
Q50. रक्षा उद्योग में निर्यात‑नियमन का पालन क्यों आवश्यक है? उत्तर: प्रतिबंधों से बचने और अंतरराष्ट्रीय भरोसा बनाए रखने हेतु
Q51. कौन‑सा लॉन्च कॉम्प्लेक्स मिसाइल टेस्ट के लिये उपयोग होता है? उत्तर: Wheeler Island
Q52. किस तकनीकी क्षेत्र से seekers बेहतर होते हैं? उत्तर: इलेक्ट्रो‑ऑप्टिकल/इन्फ्रारेड टेक्नोलॉजी
Q53. कौन‑सी नीतियाँ MSMEs को रक्षा क्षेत्र में सक्षम बनाती हैं? उत्तर: सरलीकृत licensing, वित्तीय प्रोत्साहन और single‑window approvals
Q54. सामरिक सामग्री पर आत्मनिर्भरता बढ़ाने का प्राथमिक तरीका क्या है? उत्तर: घरेलू खनन, प्रसंस्करण तथा विनिर्माण श्रृंखला विकसित करना
Q55. इस पेज के प्रमुख स्रोत किनके हैं? उत्तर: रक्षा मंत्रालय, DRDO, PIB/सरकारी प्रेस विज्ञप्तियाँ तथा InvestIndia रिपोर्टें

Selected sources (सार): Defence Procurement Manual 2025; DRDO प्रेस रिलीज/डॉक्यूमेंट्स; सरकारी मंजूरी‑नोटिस (REPM योजना); BrahMos कार्यक्रम सम्बन्धी दस्तावेज; InvestIndia।

Prepared: 26 नवम्बर 2025 • © PathshalaNotesHub

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