जलवायु परिवर्तन एवं वैश्विक पहल — Current Affairs 2025
Quick summary — मुख्य बिंदु
- IPCC (AR6) निष्कर्षों ने चेताया कि 1.5°C सीमा अगले दशक में पार होने की आशंका बढ़ रही है; वैश्विक तापवृद्धि 2025 में रिकॉर्ड स्तर पर रही।
- COP28 (UAE) और COP29 (Azerbaijan, 2024) के बाद 2025 नीति-समीक्षा वर्ष है — विशेषकर वैश्विक ‘Loss and Damage Fund’ का क्रियान्वयन।
- भारत ने 2070 Net Zero लक्ष्य, 2030 तक 500 GW non-fossil capacity और National Green Hydrogen Mission के तहत नई प्रगति दर्ज की।
- Climate finance, technology transfer और adaptation योजना पर वैश्विक बहस तेज — विशेष रूप से विकासशील देशों के लिये।
विस्तृत नोट्स — जलवायु परिवर्तन
1. जलवायु परिवर्तन — मूल अवधारणा
जलवायु परिवर्तन का आशय पृथ्वी की औसत जलवायु प्रणाली में दीर्घकालिक परिवर्तन से है। IPCC के अनुसार, मानवजनित ग्रीनहाउस गैसें (CO₂, CH₄, N₂O) गर्मी को फँसा कर तापमान बढ़ाती हैं। 1850–2020 के बीच वैश्विक औसत तापमान ~1.1°C बढ़ चुका है और 2025 में तापमान रिकॉर्ड स्तर के पास रहा।
2. प्रमुख ग्रीनहाउस गैसें (GHGs)
- कार्बन डाइऑक्साइड (CO₂)
- मीथेन (CH₄)
- नाइट्रस ऑक्साइड (N₂O)
- F-gases — (HFCs, PFCs, SF₆)
3. IPCC (Intergovernmental Panel on Climate Change)
IPCC का AR6 (Assessment Report 6) कहता है कि 1.5°C सीमा अगले 10–15 वर्षों में पार हो सकती है। भारी वर्षा, चक्रवात, समुद्र-स्तर वृद्धि, और heatwaves अधिक तीव्र होंगे। यह नीति-निर्धारण के लिये अत्यंत महत्वपूर्ण वैज्ञानिक मंच है।
4. UNFCCC — वैश्विक जलवायु ढांचा
United Nations Framework Convention on Climate Change (UNFCCC) अंतरराष्ट्रीय जलवायु वार्ताओं का मुख्य मंच है। इसके अंतर्गत COP (Conference of Parties) बैठकों में वैश्विक फैसले होते हैं।
5. Paris Agreement (2015)
- वैश्विक तापवृद्धि को 2°C से नीचे तथा 1.5°C तक सीमित रखने का लक्ष्य।
- देश NDCs (Nationally Determined Contributions) प्रस्तुत करते हैं।
- Climate finance और technology transfer पर बल।
6. COP28–29 और 2025 का महत्व
2025 वैश्विक जलवायु नीति का transition year माना जा रहा है। COP29 में Loss and Damage Fund को संचालन संरचना मिली; 2025 में इसके फंडिंग-मेकेनिज़्म और लाभार्थी देशों के निर्धारण पर ध्यान है।
7. भारत की जलवायु पहलें
- Net Zero 2070 — भारत का लंबी अवधि का लक्ष्य।
- 2030 लक्ष्यों: 500 GW non-fossil electricity capacity; 45% emissions intensity reduction।
- National Green Hydrogen Mission — 5 MTPA ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन क्षमता।
- LiFE Mission — Lifestyle for Environment; जलवायु-अनुकूल जीवनशैली।
- NAPCC & SAPCC — National & State Action Plans on Climate Change।
8. Climate Finance
विकासशील देशों को वित्तीय सहायता (100 Billion USD प्रतिवर्ष का वादा) अभी भी अधूरी है। 2025 में Global Stocktake के बाद climate finance को बढ़ाने की माँग और तेज हुई।
9. Adaptation एवं Mitigation
- Adaptation: आपदा पूर्व चेतावनी, सूखा प्रबंधन, कृषि-लचीलेपन में वृद्धि।
- Mitigation: अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा दक्षता, हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक वाहनों का प्रसार।
10. चुनौतियाँ
- Climate finance की कमी
- Loss & Damage फंड का धीमा क्रियान्वयन
- तकनीक हस्तांतरण पर विकसित देशों की शर्तें
- अनुकूलन लागत में वृद्धि
2024–25 / 2025 के महत्वपूर्ण अपडेट
- Loss & Damage Fund संचालन ढांचा 2025 में लागू — विकासशील देशों को प्राथमिकता।
- भारत ने Green Hydrogen उत्पादन हेतु नई परियोजनाएँ स्वीकृत कीं।
- IPCC AR6 के बाद 2025 में नीति-निर्माताओं के लिये ‘Global Stocktake’ रिपोर्ट प्रभावी रही।
- भारत में EV charging infrastructure व ऊर्जा दक्षता कार्यक्रम तेज हुए।